हाथ व चेहरा बांधकर ले गए थे जशपुर, मारपीट करके सादे स्टाम्प पेपर में दस्तखत कराया
अंबिकापुर। पूर्व जमीन विवाद की रंजिश पर अपहरण कर फिरौती की रकम मांगने के मामले में गांधीनगर थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 2 मोबाइल एवं जबरन हस्ताक्षर कराया गया सादा स्टाम्प पेपर जप्त किया गया। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
जानकारी के मुताबिक श्रीमती हेमा मालिनी निवासी नमनाकला हाउसिंग बोर्ड थाना गांधीनगर ने 26 जून को थाना गांधीनगर में गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसका पति शंकर दयाल रवि 25 जून को घर से दोपहर करीब 11.30 बजे काम करने के लिए जाने की बात कहकर घर से अपने नेक्सोन कार क्रमांक सीजी 15 डीवी 7100 से निकले थे, जो अभी तक वापस नहीं आए हैं। आसपास नाते रिश्तेदार के बीच पतासाजी करने के बाद भी उनका पता नहीं चला। महिला के पति का मोबाइल नंबर भी बंद और कभी चालू बता रहा था। रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर में गुम इंसान कायम कर पुलिस जांच कर रही थी। मामले को संज्ञान में लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल द्वारा पुलिस टीम को त्वरित कार्रवाई कर गुम इंसान को बरामद करने के निर्देश दिए थे। पुलिस टीम द्वारा गुम इंसान के तलाशी में जुटी। जांच दौरान पुलिस टीम को पता चला कि फिरौती हेतु उक्त व्यक्ति को किडनैप किया गया है। पतासाजी के दौरान साड़बार मंदिर के पास गुम व्यक्ति के होने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपियों के कब्जे से अपहृत शंकर दयाल रवि को सकुशल बरामद किया। घेराबंदी के दौरान कुछ आरोपी पुलिस को देखकर मौके से भाग गए, इनमें से एक व्यक्ति को पकड़ने में पुलिस सफल हुई। पूछताछ करने पर वह अपना नाम मोती राम यादव पिता दशरथ राम 45 वर्ष निवासी रामपुर थाना मणिपुर का होना बताया। आरोपी से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी द्वारा जमीन बिक्री करने की बात पर शंकर दयाल रवि से संपर्क किया गया और अपने अन्य तीन साथियों के साथ 25 जून को नमनाकला थाना गांधीनगर में आकर शंकर दयाल रवि को जमीन के मालिक से मिलवाने की बात कहकर अपहृत के कार टाटा नेक्सान कार से साथ गया था। इसके बाद शंकर दयाल रवि को कट्टा दिखाकर उसी के कार के पीछे हाथ व चेहरा बांधकर बैठा जशपुर तरफ ले गए, यहां बहादुर जायसवाल अपने अन्य साथियों के साथ एक बलोनो कार से आकया और शंकर दयाल को एक कमरे में ले जाकर मारपीट कर पूर्व जमीन विवाद की बात पर 5 करोड़ रुपये की मांग करने लगा और सादे स्टाम्प पर हस्ताक्षर कराया। 26 जून को आरोपी रुपये की मांग करने लगे। रास्ते में बहादुर जायसवाल फिर से कागज में हस्ताक्षर करवाया। अपहरण करने वाले आरोपी अपहृत को उसके मोबाइल से कॉल करके घर पर बातचीत करके रुपये की मांग किए। इसके बाद साड़बार मंदिर के पास ले जाकर पहने हुए अंगूठी, चैन व ब्रेसलेट को निकलवाकर अपने पास रख लिए। तकनीकी सहायता के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश देकर अपहृत शंकर दयाल रवि को सकुशल बरामद किया। जांच दौरान गुमशुदा शंकर दयाल रवि को आरोपी बहादुर जायसवाल, मोतीराम यादव व अन्य आरोपियों द्वारा अपहरण कर मारपीट कर फिरौती की मांग करना पाए जाने पर आरोपियों के विरूद्ध धारा 140(2), 140(3) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध पुलिस ने किया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रदीप जायसवाल, प्रधान आरक्षक संतोष कश्यप, आरक्षक दीनदयाल सिंह, विकास सिंह, अरविन्द उपाध्याय, घनश्याम देवांगन, ऋषभ सिंह सक्रिय रहे।
बहादुर के कब्जे से जबरन हस्ताक्षर कराया गया स्टाम्प जप्त
पुलिस टीम प्रार्थी एवं अपहृत का कथन लेने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण की। आरोपी मोतीराम यादव से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी बहादुर जायसवाल के संलिप्तता की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी बहादुर जायसवाल पिता स्व. अमृत जायसवाल 65 वर्ष निवासी सत्तीपारा को हिरासत में लिया, तो उसने अपराध में संलिप्तता स्वीकार किया। दोनों आरोपियों से घटना दिवस उपयोग किए गए मोबाइल व अपहृत से जबरन हस्ताक्षर कराए सादे स्टाम्प को बहादुर जायसवाल के कब्जे से पुलिस ने जप्त किया है। प्रकरण की विवेचना दौरान सामने आया कि आरोपी योजनाबद्ध तरीके से पूर्व जमीन विवाद के कारण रुपये उगाही करने के लिए शंकर दयाल का अपहरण किए, ऐसे में प्रकरण में धारा 61 (2) बीएनएस जोड़कर पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। शेष आरोपियों के तलाश में पुलिस लगी है।

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