अंबिकापुर। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 489-ख एवं 489-ग के मामले में दोष सिद्ध पाने पर आरोपी को 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी 14 मई 2024 को मुख्य डाक घर में अपने खाते में 1 लाख रुपये के साथ पांच-पांच सौ रुपये के 58 जाली नोट, कुल 29 हजार रुपये खपाने के लिए कैश काउंटर पर दिया था।
जानकारी के अनुसार कपिल गिरी पिता झंकर गिरी 46 वर्ष ग्राम तुरीयाबीरा थाना लुण्ड्रा का रहने वाला है। इसका अंबिकापुर मुख्य डाकघर में बचत खाता है। वह 14 मई 2024 को अपने खाते में एक लाख रुपये जमा करने आया था। कपिल पर्ची भरकर रुपये के साथ काउंटर पर जमा करने के लिए दिया। इस दौरान काउंटर ड्यूटी पर मौजूद नीलमणी केरकेट्टा रुपये की गिनती की तो 500-500 के 58, कुल 29 हजार रुपये नकली पाए गए। कैशियर ने मामले की जानकारी पोस्टमास्टर मनोज कुमार पांडेय को दी। पोस्टमास्टर ने मामले की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 489 ख एवं 489 ग के तहत गिरफ्तार कर जेल दाखिल कर दिया था। मामले की सुनवाई न्यायालय विशेष न्यायाधीश एनआईए अंबिकापुर पीठासीन अधिकारी केएल चरयाणी के यहां चल रही थी। 25 जून को साक्ष्य व गवाहों के आधार पर आरोपी के खिलाफ दोषसिद्ध पाए जाने पर 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।

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