मनेन्द्रगढ़ (एमसीबी) । एमसीबी जिला कलेक्टर ने समयमान वेतनमान वृद्धि पर लापरवाही बरतने पर अपना कड़ा रुख अपनाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जबाव मांगा है। मिली जानकारी के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग में कई वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को उनके सेवा काल के अनुसार नियमानुसार मिलने वाले लाभ नहीं दिए जाने की शिकायत को कलेक्टर ने गंभीरता से लिया है।
 
 छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय कर्मचारी संघ द्वारा 12 जून 2025 को कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत आवेदन में बताया गया था कि शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत कई सहायक शिक्षक/कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्होंने 10, 20 और 30 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है। इसके बावजूद, उन्हें समयमान वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया, जो न केवल अन्याय है बल्कि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन भी है।कलेक्टर कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि संबंधित कर्मचारियों की सेवाकाल की पुष्टि होने के बावजूद उन्हें लाभ नहीं दिया गया है, तो यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के तहत कर्तव्य के प्रति लापरवाही और उदासीनता की श्रेणी में आता है। डिप्टी कलेक्टर द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में डीईओ से तीन दिवस के भीतर लिखित में अपना जवाब या स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि समयसीमा में जवाब प्राप्त नहीं होता है या दिया गया उत्तर संतोषजनक नहीं पाया जाता, तो एकपक्षीय विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। बताया जा रहा है कि  समयमान वेतनमान वृद्धि वह प्रक्रिया है जिसके तहत यदि कोई कर्मचारी एक ही पद पर लम्बे समय (10, 20, 30 वर्ष) तक कार्यरत रहता है, तो उसे पदोन्नति की तरह आर्थिक लाभ प्रदान किए जाते हैं। यह सेवा संतोषजनक होने की स्थिति में स्वचालित रूप से लागू किया जाना चाहिए । इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में रोष व्याप्त है, लेकिन साथ ही प्रशासनिक कार्रवाई से यह उम्मीद भी जगी है कि वर्षों से लंबित लाभों का भुगतान अब शीघ्र होगा।

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