अंबिकापुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार शालाओं एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के दौरान गलत जानकारी एवं पदों में कूटरचना करने के आरोप में विकास खण्ड शिक्षाधिकारी, रामानुजनगर, जिला सूरजपुर पंडित भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा द्वारा जारी आदेशानुसार, भारद्वाज ने वरिष्ठ कार्यालय को भ्रामक एवं तथ्यहीन जानकारी भेजी, जिससे युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियां सामने आईं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुवनेश्वरपुर में अंग्रेजी विषय के दो रिक्त पद गलत तरीके से दर्शाए गए, जबकि वहां पहले से चार व्याख्याता कार्यरत थे। परिणामस्वरूप दो अतिरिक्त व्याख्याताओं की अनुचित पदस्थापना हुई। प्राथमिक शाला सरईपारा, जगतपुर एवं देवनगर में छात्र संख्या के अनुपात से अधिक शिक्षक पद दर्शाए गए, जिससे वहां भी अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति हुई। हाई स्कूल सुमेरपुर में कला संकाय के व्याख्याता राजेश कुमार जायसवाल को विज्ञान विषय का बताकर पद रिक्त दर्शाया गया, जिससे एक और अतिरिक्त पदस्थापना हुई। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन मानते हुए पंडित भारद्वाज को छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत नियम 9(1)(क) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा, उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बलरामपुर-रामानुजगंज नियत किया गया है।

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