अंबिकापुर। कलेक्टर के जनदर्शन में आधार ऑपरेटरों ने सोमवार को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया है कि वे सरगुजा जिला के विभिन्न इलाकों में आधार सेवा केन्द्र का संचालन यूआईडी व चिप्स रायपुर के नियमानुसार कर रहे हंै। इसके लिए उन्होंने अपना स्वयं का मशीन व लैपटॉप लगाया है, जिसकी कीमत लगभग एक लाख रुपये है। अब वीएलई मॉडल से हटाकर इन हाउस मॉडल में कार्य करने हेतु कहा जा रहा है, इसके लिए आधार ऑपरेटर से 1.50 लाख रुपये सुरक्षा धन लिया जाना है। ऑपरेटरों का कहना है कि 1.50 लाख रुपये सुरक्षा धन देने में वे असमर्थ हैं। इसके लिए लोन या ब्याज से रुपये लेने की नौबत बनेगी, जो उनके लिए बड़ा आर्थिक भार साबित होगा। ऑपरेटरों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा धन की राशि 50 हजार रुपये कराने की मांग की है। ऑपरेटरों ने सुकमा जिले का उल्लेख करते हुए कहा है कि वहां के कलेक्टर द्वारा भी सुरक्षा धन को 1.50 लाख से 50 हजार करने का आग्रह किया है। ऑपरेटरों का कहना है कि वे पूर्व में चिप्स रायपुर द्वारा वीएलई मॉडल में काम करते थे, इसे हटाकर इन हाउस मॉडल करने से पूर्व में खरीदे गए किट्स बेकार हो जाएंगे और इन हाउस के लिए चिप्स रायपुर द्वारा नया किट्स दिया जाएगा। इन हाउस मॉडल में लोगों को परेशानी भी होगी। वीएलई मॉडल में हर गांव में आधार बनाए व सुधारे जाते थे अब शहरीकरण कर दिया गया है और एक ही कैंपस में 4 या 5 सेंटर चलेंगे।

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