भटगांव। लोक निर्माण विभाग की घोर लापरवाही और भ्रष्ट निर्माण कार्य का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। एलडब्ल्यूई मद से बने सलका-करौंटी मुख्य सड़क के किनारे नालियों का निर्माण महज कागजी खानापूर्ति बन कर रह गया है। परिणामस्वरूप, हल्की बारिश होते ही सड़कें तालाब बन जाती हैं और गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा है, जिससे लाखों रुपये की संपत्ति बर्बाद हो रही है।
कुछ वर्ष पूर्व पीडब्ल्यूडी द्वारा कल्याणपुर-लटोरी से लेकर सलका तक सड़क बनाई गई थी, किनारे जल निकासी के लिए नालियां भी बनाई गईं, लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद ये नालियां या तो पूरी तरह बंद हो गई या उनमें मिट्टी भर जाने के कारण जल निकासी की सुविधा दम तोड़ चुकी है। हर बारिश लोगों के लिए अभिशाप बन चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने बिना किसी गुणवत्ता और योजना के नाली निर्माण का कार्य पूरा किया। निर्माण ऐसा किया गया कि जहां से पूर्व में पानी आसानी से ढलान के कारण बह जाता था, वहां की निकासी को पूरी तरह बंद कर दिया गया। नई नाली निजी जमीन की ओर मोड़ दी गई हैं, जहां भविष्य में मकान निर्माण होना है। ऐसे में नालियां पूरी तरह जाम हैं और सारा पानी अब सीधा लोगों के घरों में घुस रहा है। जलभराव के चलते सड़कें पूरी तरह टूट चुकी हैं। सड़क पर जगह-जगह जानलेवा गड्ढे बन गए हैं, दुर्घटनाएं आम हो चुकी हैं। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी की लापरवाही के कारण यह मार्ग अब आम जनजीवन के लिए मुसीबत बन चुका है। 22 मई को आयोजित ‘सुशासन तिहारÓ में भी यह मुद्दा गरमाया था। विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता ने फोन पर आश्वासन दिया था कि दो-चार दिन में काम शुरू करवा देंगे, लेकिन आज तक न कोई मजदूर आया, न कोई मशीनरी, और न ही किसी अधिकारी की जवाबदेही तय हुई। ग्रामीणों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग नालियों की तत्काल साफ-सफाई और पुन: निर्माण की प्रक्रिया शुरू करे। अगर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जन आंदोलन करेंगे।
इनका कहना है
मैंने स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का अवलोकन किया है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को कार्य आरंभ करने के लिए कहा गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं होना आश्चर्यजनक है। यह जनता के साथ विश्वासघात है।
अनुज राजवाड़े, जिला पंचायत सदस्य
बार-बार सूचना देने के बाद भी यदि एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो हम चक्का जाम करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग की होगी।
अभय सिंह, जनपद सदस्य प्रतिनिधि
नाली निर्माण यदि आधा-अधूरा और बिना योजना के किया जाएगा तो समस्या और भी गंभीर होगी। पुरानी नाली को बंद कर देना और अधूरी नई नाली बनाना विभाग की गैर-जिम्मेदाराना सोच को दर्शाता है। अगर निजी भूमि में पानी घुसा तो हम आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
अनुराग सिंह, उपसरपंच ग्राम पंचायत अघिना
हाल ही में हमारे घर शादी थी। नाली जाम होने के कारण पानी की निकासी के लिए एक मीटर का अस्थायी सोखता बनाकर काम चलाया गया। पूरा पानी ग्रामीण बैंक के सामने जमा हो जाता है, जिससे भारी परेशानी होती है।
बाबूलाल साहू, स्थानीय ग्रामीण

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