प्रशासन से आग्रह के बाद भी मुख्यमंत्री से कांग्रेसजनों की नहीं हो पाई मुलाकात
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अंबिकापुर प्रवास के दौरान कांग्रेसजनों ने जनहित में सड़क निर्माण के लिए राशि जारी करने ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। प्रशासन की ओर से किसी प्रकार का सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर राजीव भवन से कांग्रेस के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री से मुलाकात करने निकले, तो पुलिस ने बैरीकेड और काफी संख्या में पुलिस बल लगाकर रस्सा तान दिया। बाद में पुलिस इन्हें गिरफ्तार करके मणिपुर थाना ले गई। मुख्यमंत्री की रवानगी होते तक कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता सहित अन्य पुलिस के पहरे में बैठे रहे।
दरअसल मुख्यमंत्री के अंबिकापुर आगमन की जानकारी मिलने पर गुरूवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कलेक्टर सरगुजा से संपर्क करके मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय सुनिश्चित करने हेतु आग्रह किया था। प्रशासन के सलाह पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की, निगम में उप नेता प्रतिपक्ष निमन राशि एक्का सहित 11 सदस्यीय टीम गठित कर इसकी जानकारी प्रशासन तक पहुंचाई गई, किन्तु मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय सुनिश्चित करने में प्रशासन लगातार टाल-मटोल करते रहा और जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने मुलाकात के लिए मुख्यमंत्री के निजी सचिवों तक से संपर्क किया लेकिन मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन जनहित के मुद्दे पर मुलाकात के लिए तैयार नहीं हुए। अंतत: जिला कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के लिए कलेक्टोरेट रवाना हुए, जिन्हें पुलिस ने बलपूर्वक गिरफ्तार किया और मणिपुर थाना ले गए। इसके पहले कांग्रेस जिला अध्यक्ष की पुलिस अधिकारियों से नोकझोंक की स्थिति बनी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता की बात नहीं सुनी जाएगी तो सुशासन तिहार किसके लिए मनाया जा रहा है। मौके पर बन रही स्थिति को देखते हुए पहले से ही पुलिस पूरी तैयारी करके रखी थी। इस बीच पूर्व पार्षद और कांग्रेस कार्यकर्ता सतीश बारी पुलिस से संघर्ष करते बैरीकेड से कूदने में सफल हो गए, इन्हें ढो-टांगकर पुलिस वाहन में डाल दिया गया। इस दौरान विष्णुदेव साय मुर्दाबाद, मुख्यमंत्री डरता है पुलिस को आगे करता है, मुख्यमंत्री वापस जाओ जैसे नारे लगने लगे। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने तो यहां तक कह दिया कि हमको गोली मार दो। इसके बाद तल्खी और मुस्कुराहट के बीच पुलिस वाहन में बैठाकर कांग्रेसजनों को विदा किया, जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। गरफ्तारी की खबर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मणिपुर थाना में जमा होने लगे। बाद में पुलिस ने शाम 4 बजे इन्हें छोड़ दिया।
पुलिस इन्हें की गिरफ्तार
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, निगम में उपनेता प्रतिपक्ष निमन राशि एक्का, ब्लॉक अध्यक्ष अंबिकापुर ग्रामीण विनय शर्मा, मो. इस्लाम, शैलेंद्र सिंह, शैलेंद्र सोनी, विकल झा, आशीष जायसवाल, बाबर खान, चंद्रप्रकाश सिंह, जमील खान, हिमांशु जायसवाल, विष्णु सिंहदेव, जीवन यादव, रजनीश सिंह, लोकेश कुमार नीतीश चौरसिया, विकास केशरी, अख्तर चम्मा, अमित सिंह, श्रीमती जे. कुजूर, श्रीमती मिला तिर्की, अंकित जायसवाल, ऋसभ जायसवाल।
तिगुनी रफ्तार से विकास के वायदे की याद दिलाने की आस पूरी नहीं हुई
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने विष्णुदेव साय सरकार को कमजोर और डरपोक सरकार की उपमा दी और कहा कि जो सरकार अपने वायदे को न निभाए वो कमजोर होती है और जो सरकार जनता और उसके सवालों का सामना करने से डरती है वो डरपोक होती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माह दिसंबर 2024 में अंबिकापुर प्रवास के दौरान नगर निगम को 23 करोड रुपये देने की घोषणा की थी, जिसमें से 20 करोड़ रुपये शहर के सड़कों के निर्माण के लिए था। घोषणा के 6 माह व्यतीत होने के बाद भी राशि नहीं मिल पाई है। कांग्रेसजन ज्ञापन सौंपकर ध्यान दिलाना चाहते थे कि उक्त राशि बरसात पूर्व दी जाए ताकि शहर के सड़कें समय रहते बन सके। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा नगर पालिक निगम, अंबिकापुर को यह राशि उपलब्ध नहीं कराए जाने के फलस्वरूप सड़कों का निर्माण संभव नहीं है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया था कि माह फरवरी में नगर निगम चुनाव के दौरान उन्होंने ट्रिपल इंजन की सरकार बनने पर अंबिकापुर शहर में तिगुनी रफ्तार से विकास का वादा कर नागरिकों से भाजपा के पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया था, जिसे स्वीकार करते हुए शहर की जनता ने नगर निगम में भाजपा को विजयी बनाया। इसके बाद तिगुनी रफ्तार से विकास होने के बजाए स्थिति यह है कि राशि के अभाव में नगर निगम अंबिकापुर की सड़कों के छोटे-मोटे गड्ढों को भी नहीं भर पा रही है। विगत कई माह से निगम के प्लेसमेंट कर्मचारियों को उनका वेतन नहीं मिला है। इसी वायदे पर अमल करते हुए यथाशिघ्र शहर के सड़क निर्माण की राशि जारी करने का आग्रह इनके द्वारा अपने ज्ञापन पत्र में किया गया था, लेकिन इनकी मंशा पूरी नहीं हो पाई। करीब एक सप्ताह पूर्व नगर निगम अंबिकापुर में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने भी मुख्यमंत्री के इस वायदे की याद दिलाते हुए अपना बयान जारी किया था और इस दिशा में पहल नहीं होने पर मुख्यमंत्री के अंबिकापुर प्रवास पर विरोध प्रदर्शन की बात कही थी। इसके बाद महापौर अंबिकापुर ने असत्य दावा किया था कि मुख्यमंत्री के वायदे के अनुसार सड़क निर्माण की राशि प्राप्त हो चुकी है। सच्चाई यह थी कि कांग्रेस शासन काल में स्टेडियम और निगम के नए प्रशासनिक भवन के लिए जारी 3.33 करोड़ की राशि को सड़क निर्माण की राशि बतला दी गई।

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