प्रतापपुर। सरकार हर घर नल, हर घर जल योजना चला रही है, वहीं प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत का एक पारा में अगरिया जाति के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। यहां पर पानी के लिए हैंडपंप था क्रेडा विभाग ने सौर सुजला योजना के तहत सोलर प्लेट लगाकर पेयजल की व्यवस्था की थी, लेकिन पिछले 2 सालों से यह खराब है। गांव के लोग जंगल के किनारे ढोढ़ी से पानी पीने विवश हैं। मामला उस समय सामने आया जब ग्रामीण जिला पंचायत सदस्य सुरेश आयाम को अपनी समस्या बताने लगे। सभी ने उन्हें घेर लिया और कहा कि हम लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। नल-जल दो साल से बंद है, विभाग के लोग पंप निकाल कर ले गए, दोबारा नहीं आए। भीषण गर्मी में पेयजल के लिए उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आसपास में कहीं भी पेयजल की व्यवस्था नहीं है, एक कुआं है वह भी सूख गया है। इसके चलते जंगल किनारे ढोढ़ी से पेयजल की व्यवस्था वे करते हैं। नहाने के लिए पास में एक डबरी के पानी का उपयोग वे करते आ रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य ने समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया है।

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