राजेन्द्र ठाकुर/ बलरामपुर 

 

बलरामपुर जिला मुख्यालय में जमीन के फर्जीवाड़ा का खेल रुक नहीं रहा है फर्जी सेटलमेंट लगाकर पट्टे की जमीन की रजिस्ट्री कई बार कर दिए जाने का आरोप लगा है यहां तक की शिकायत भी हुई वही ठोस कार्रवाई नहीं होने से फिर एक बार बड़ा मामला सामने आया है बलरामपुर विकासखंड के अंतर्गत अलखडीहा में शासकीय पट्टे की जमीन का फर्जी सेटलमेंट लगाकर 5 डिसमिल की जगह धोखाधड़ी कर 32 डेसिमल रजिस्ट्री करा ली गई। जिसकी लिखित शिकायत कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से कर प्राथमिक की दर्ज करने की मांग पट्टा जमीन मालिक के द्वारा की गई है।
ग्राम अलखडीहा वृद्ध बोलो आत्माज रूपचंद ने आरोप लगाया कि मेरे पट्टे की भूमि गांव में स्थित है भूमिका खसरा नंबर 132 रकबा 0.300 हेक्टेयर भूमि स्थित है। तारा देवी पति काशीनाथ तिवारी सुनील सिंह आत्मज विश्राम सिंह केशर यादव आत्मज रामसेवक यादव के के द्वारा मे जब अस्पताल आ रहा था मुझे रास्ते से उप पंजीयन कार्यालय ले गए जहां पर 5 डिसमिल जमीन की जगह 32 डिसमिल जमीन 21 अप्रैल को रजिस्ट्री करा लिए। बोलो श्री ने बताया कि जमीन दलाल दीपक शर्मा आत्मक सेवक शर्मा अरविंद विंडो आत्मज कालिदास किन दो पूरे फर्जीवाड़ा दो अंजाम देने में सहयोगी रहे। बोलो सिंह के साथ फर्जीवाड़ा होने के बाद में बलरामपुर थाने में लिखित में आवेदन दे कार्रवाई की मांग की परंतु कार्रवाई नहीं होने के बाद पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौपा है वह न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

मेरा फर्जी हस्ताक्षर हुआ है पटवारी

इस संबंध में हल्का पटवारी करुणा नाग ने कहा कि मेरा फर्जी हस्ताक्षर किया गया है जैसे ही मुझे इस बात की जानकारी लगी वैसे ही तत्काल मैंने लिखित रूप से एसडीएम से की है।

फर्जी सेटलमेंट लगाकर पहले भी की जा चुकी है
रजिस्ट्री

जिला मुख्यालय में पहले भी इस प्रकार का फर्जीवाड़ा हो चुका है फर्जी सेटलमेंट लगाकर जमीन की रजिस्ट्री हुई है परंतु अब तक ठोस कार्यवाही नहीं होने कारण इस प्रकार का फर्जीवाड़ा वाला रुक नहीं रहा है।
राजपुर के जनजाति समाज के वृद्ध के साथ जमीन में हुए फर्जी फर्जीवाड़ा होने के बाद न्याय नहीं मिलने पर कर लिया था आत्महत्या राजपुर क्षेत्र में कोरवा जनजाति के वृद्ध के साथ जमीन के हुए फर्जी वाले के बाद न्याय के लिए दर-दर भटकने के बाद आत्महत्या कर लिया गया था मामले के उजागर होने के बाद कई लोगों के विरुद्ध प्राथमिक की भी दर्ज हुई। जिस प्रकार से वृद्ध के द्वारा आरोप लगाया जा रहा है वह काफी संवेदनशील है प्रशासन को इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने की आवश्यकता है।

तीन दिनों में ही जारी कर दिया गया ईश्तिहार

ग्राम अलखडिहा में फर्जी सेटलमेंट बनाकर शासकीय पट्टे की 5 डिसिमल के बदले 32 डिसमिल जमीन को अपने नाम कराए जाने के मामले में पटवारी द्वारा अपने हस्ताक्षर से मुकर जाने के बाद भी नायब तहसीलदार रवि भोजवानी द्वारा तीन दिनों के अंदर इश्तहार जारी कर देने की चर्चा भी जिला मुख्यालय में आम हो गई है. इस फर्जीवाड़े को लेकर अब राजस्व विभाग के अमले के ऊपर भी उंगलियां उठने लगी है, जहां नायब तहसीलदार भी संदेह के दायरे से गुजर रहे

 

नहीं बक्शे जायेंगे दोषी – एसपी

पुलिस कप्तान वैभव बैंकर ने कहा कि शिकायती पत्र की जांच कराने के बाद विरोधी प्रतिवादियों के विरुद्ध कानून संवत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा.

 

थाना प्रभारी की घोर लापरवाही, पीड़ित भटकते रहे, न्याय को तरसते रहे

बलरामपुर थाना प्रभारी की लापरवाही एक बार फिर उजागर हो गई है। पीड़ित पक्षों ने आरोप लगाया है कि वे घटना की जानकारी लेकर समय रहते थाना पहुंचे थे, लेकिन थाना प्रभारी ने उन्हें गुमराह कर वापस भेज दिया। “बाद में बुलाता हूं कह कर टाल दिया
जब थाना में कोई सुनवाई नहीं हुई तो पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष उपस्थित होकर अपना दुखड़ा सुनाया। पीड़ितों का साफ कहना है कि थाना प्रभारी की कार्यशैली से स्पष्ट होता है कि उन्हें न तो पीड़ितों की चिंता है और न ही कानून की गरिमा की कोई परवाह।
ऐसी गैर-जिम्मेदाराना हरकत से पुलिस महकमे की छवि धूमिल हो रही है। सवाल यह है कि जब थाना प्रभारी जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से ही न्याय की उम्मीद न हो, तो आम नागरिक किसके पास जाए?

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