लगातार कम होते जलस्तर ने बढ़ाई निगम की चिंता, किल्लत की स्थिति न बने इस पर जोर

गिरिजा ठाकुर

अंबिकापुर। बांकी बांध में पानी की कमी के कारण इन दिनों नगर पालिक निगम क्षेत्र के कुछ इलाके में पानी की आपूर्ति बिल्कुल नहीं हो रही है। कई इलाके में भीषण गर्मी के मौसम में पानी की आपूर्ति नाम मात्र के लिए हो रही है। ऐसे में निगम में शिकवा-शिकायतें लेकर लोग पहुंच रहे हैं। निगम अमला बांध में पानी की कमी के कारण पानी टंकी नहीं भर पाने का हवाला देकर कन्नी काटने में लगा है। निगम का दावा है कि शहर में पेयजल की कमी नहीं हो, इसके लिए वे पूरा प्रयास कर रहे हैं। टैंकर से नियमित पानी सप्लाई की जा रही है, जिससे लोगों को पानी की बड़ी किल्लत जैसी स्थिति नहीं बन रही है। ऐसे हालात बनने के पीछे कारण पूर्व के वर्षों में बांकी बांध में 38 प्रतिशत तक जलभराव होना व बीते वर्ष बारिश की न्यूनता के कारण मात्र 18 प्रतिशत ही बांकी बांध में जलभराव होना बताया जा रहा है। वर्तमान के हालात की बात करें तो मात्र सात से आठ प्रतिशत ही बांकी बांध में पानी शेष है, जिससे ठंड के बाद गरमी के मौसम में नगरवासियों की प्यास बुझ रही है।

बता दें कि शहर की आधी से अधिक आबादी आज भी तकिया फिल्टर प्लांट से सप्लाई किए जाने वाले नल-जल पर आश्रित है। प्लांट में बांकी बांध से पानी आता है, उसमें भी अब पानी की काफी कमी हो गई है। पिछले वर्ष मानसूनी बारिश सही नहीं होने के कारण बांध में पानी का भराव लगभग 20 प्रतिशत कम हुआ था। इधर भीषण गर्मी में तापमान 44 डिग्री पार कर गया है, ऐसे में घरेलू जरूरतों के अलावा पेयजल की मांग बढ़ गई है। बांकी बांध में पानी की अल्पता को लेकर निगम प्रशासन भी चिंता में है। निगम के जल शाखा के अधिकारी प्रशांत खुल्लर का कहना है कि तकिया फिल्टर प्लांट में पानी की कमी को देखते हुए सभी पानी टंकियों को पूरी क्षमता के साथ नहीं भर रहे हैं। अगर मानसून के आने में देरी की स्थिति बनी तो पानी की समस्या काफी बढ़ सकती है। शहर के भगवानपुर व पटपरिया पानी टंकी को भरने के लिए वर्तमान में बोरवेल का सहारा लिया जा रहा है, जिससे भू-जल स्तर प्रभावित हो रहा है। पानी टंकी भरने का और कोई विकल्प भी निगम के पास नहीं है। इन टंकियों को भरने के लिए घुनघुट्टा नदी से आने वाले पानी को कतकालो फिल्टर प्लांट से जोड़ना ही समाधान साबित हो सकता है।

106 करोड़ की अमृत मिशन योजना का सच
शहर में पेयजल व्यवस्था को दुरूस्त रखने के लिए केन्द्र सरकार ने अमृत मिशन योजना का विस्तार करना था, वहीं नई टंकियों का निर्माण होना था। योजनांतर्गत शहर में छह नई पानी टंकियों का निर्माण किया गया है, परन्तु कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पाइप लाइन ही नहीं बिछाई गई है। ऐसा खुला आरोप शहर के लोगों द्वारा लगाया जा रहा है। 106 करोड़ की योजना के बाद भी अमूमन डेढ़ लाख की आबादी वाले शहर में पानी की समस्या का बने रहना कहीं न कहीं योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी को इंगित करा रहा है। आनन-फानन में काम की पूर्णता और ठेका कंपनी को पूरा भुगतान करने जैसा आरोप भी निगम की सरकार पर लगते रहता है।

अनुमति नहीं मिलने से इंटरकनेक्टिंग का काम अधर में
ट्रांसपोर्ट नगर में बनाए गए 10 लाख लीटर क्षमता वाले पानी टंकी का मुख्य पाइप लाइन से इंटरकनेक्टिंग का काम अधर में है, जिस कारण इस पानी टंकी को नहीं भरा जा रहा है। मुख्य पाइप लाइन से उक्त टंकी को जोड़ने में सबसे बड़ी समस्या बिलासपुर चौक के पास है, जहां पाइप लाइन को सड़क के आर-पार जोड़ना है। इसके लिए सड़क को काटना पड़ेगा, जो बिना राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की अनुमति के बिना असंभव है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इसके लिए निगम के द्वारा पत्राचार किया गया है परंतु अभी तक सड़क काटने की अनुमति नहीं मिली है, ताकि पाइप लाइन जोड़ने के काम को गति दिया जा सके। पूर्व में कुछ क्षेत्रों में विवाद की स्थिति भी बनी थी, जिस कारण पाइप लाइन बिछाने के काम में विलंब की स्थिति बनी थी।

इन क्षेत्रों से आ रही जलसंकट की शिकायत
नगर पालिक निगम के जिन क्षेत्रों से पानी की समस्या की शिकायतें ज्यादा आ रही है उनमें शहर का मठपारा बिलासपुर चौक, घुटरापारा, नमनाकला, अग्रसेन वार्ड व राम मंदिर के सामने सहित कुछ अन्य इलाके शामिल हैं। निगम का दावा है कि पुराने क्षेत्रों में जल सप्लाई को लेकर कोई ज्यादा परेशानी जैसी स्थिति नहीं है, वाह्य क्षेत्रों में ही जलसंकट जैसी समस्या बन रही है।

50 प्रतिशत भी नहीं भर पा रही टंकी
एमआईसी सदस्य व जल प्रदाय शाखा के प्रभारी द्वितेंद्र मिश्रा का कहना है कि तकिया फिल्टर प्लांट से टंकियां 50 प्रतिशत भी नहीं भर पा रही हैं। ट्रांसपोर्ट नगर की टंकी से इंटरकनेक्टिंग का कार्य पूरा नहीं हो पाया है, जिससे कुछ क्षेत्रों में पेयजल की समस्या बनी हुई है, इसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

जिन क्षेत्रों से पेयजल संबंधी शिकायतें आ रही हैं, वहां का निरीक्षण कर जलसंकट का हल निकालने की कोशिश की जा रही है। गरमी के मौसम में पानी की कमी दूर करने टैंकर से प्रभावित क्षेत्रों में पानी सप्लाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बांकी बांध में पूर्व की अपेक्षा काफी कम जलभराव होने से तकिया फिल्टर प्लांट से पानी की आपूर्ति में दिक्कत हो रही है। मानसून के बाद जलसंकट की बनी स्थिति में सुधार संभव है।
प्रकाश सिंह राजपूत, आयुक्त नगर निगम

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