जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों को नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे मुहिम में आज एकबहुत बड़ी कामयाबी मिली है। बस्तर संभाग में आज 67 नक्सलियों ने सरेंडर किया है, जिसमे कांकेर जिले में 13, नारायणपुर जिले में 8, सुकमा में 5, दंतेवाड़ा में 16 और बीजापुर में 25 नक्सलियों ने आज पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। यह ‘लाल आतंक’ के समर्थको को अब तक का सबसे बड़ा झटका है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में आठ नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया। इन नक्सलियों पर 33 लाख रुपये के इनाम घोषित थे। इन आठ नक्सलियों में चार महिला नक्सली भी शामिल हैं। दंतेवाड़ा एसपी रॉबिंसन गुरिया ने मामले की पुष्टि की है।

नक्सलियों के प्लाटून 16 के कमांडर कमलेश और डॉक्टर टीम के सदस्य सुखलाल ने भी आत्मसमर्पण किया। दोनों अबूझमाड़ क्षेत्र में वर्षों से सक्रिय थे। कई बड़ी नक्सली घटनाओं को अंजाम दिया था। सरेंडर करने वालों में चार महिला नक्सली भी शामिल हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, दंतेवाड़ा जिले में गुरुवार की सुबह 16 नक्सलियों ने लाल आतंक का साथ छोड़ते हुए मुख्यधारा में शामिल हुए। इन समर्पण करने वालों में एक नक्सल दंपति भी शामिल हैं। वहीं पांच नक्सलियों के ऊपर 17 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 5 इनामी नक्सली सहित 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण की इच्छा जाहिर करते हुये लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान के तहत 24 जुलाई को लोकतंत्र के ऊपर विश्वास जाहिर करते हुए समाज की मुख्यधारा में लौट आये। पुलिस अधीक्षक कार्यालय दन्तेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया।

इनमें कई कैडर वर्षों से नक्सली संगठन में सक्रिय थे और अब संगठन की जनविरोधी, हिंसक और दिशाहीन विचारधारा से मोह भंग के कारण उन्होंने समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया है। लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 254 इनामी नक्सली सहित कुल 1 हजार 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिसमें जिला दन्तेवाड़ा के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों सुकमा, बीजापुर एवं नारायणपुर के 824 पुरुष नक्सली और 196 महिला माओवादी शामिल हैं।

सुकमा जिले में सक्रिय पांच नक्सलियों ने भी गुरुवार को आला अधिकारियों के सामने आत्म समर्पण किया है, ये सभी नक्सली जिले के जगरगुंडा और चिंतलनार इलाके में सक्रिय रहे हैं। पूना मारगेम और पुनर्वास नीति 0से प्रभावित होकर आत्म समर्पण किया, सभी को प्रोत्साहन राशि दी गई और पुनर्वास नीति का लाभ दिया जायेगा।

बीजापुर में नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है। यहां 25 लाख के इनामी एसजेडसीएम समेत कुल 25 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में डीवीसीएम, एसीएम, एलओएस सदस्य, जनताना सरकार के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित कई शीर्ष कैडर शामिल हैं। 1 करोड़ 15 लाख के इनामी नक्सलियों का समर्पण शासन की पुनर्वास नीति, सुरक्षा कैम्पों की स्थापना और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव का नतीजा है। अब नक्सली में संगठन से मोहभंग और आम जीवन जीने की ललक दिख रही है।

कांकेर जिले में 62 लाख के इनामी 13 नक्सलियों ने माओवाद का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो गये हैं।

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