पत्नी, दो बहन व दामाद ने 10 दिन तक बंधक बनाकर किया प्रताड़ित
पिता के अंतिम संस्कार हेतु 80 डिसमिल भूमि गिरवी रखने से थे नाराज
अंबिकापुर अस्पताल में जिंदगी व मौत के बीच जंग लड़ रहा है पीड़ित
सूरजपुर। युवक को बंधक बनाकर उसपर एसिड अटैक करने व उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर हाथ व पैर तोड़ने के मामले को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए मामले में आरोपी पत्नी, दो बहन व दामादों को गिरफ्तार किया है। उक्ताशय की खबर छत्तीसगढ़ फ्रंटलाइन समाचार पत्र के 12 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।
ग्राम कमलपुर के शंख प्रसाद अगरिया ने थाना जयनगर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि पिता की मौत पश्चात दशगात्र व अन्य शोक कार्यक्रम होने के बाद 1 दिसंबर को पहली पत्नी कामेश्वरी, बहन कुन्ती, रीमा, दामाद जोगेश्वर, जयप्रकाश मिलकर पिता के क्रियाकर्म के लिए पैसों की जरूर होने से पिता के नाम का 80 डिसमिल जमीन को गिरवी रखने की बात को लेकर सभी गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देकर लोहे के हुक, हथौड़ी व हाथ मुक्का से मारपीट किए और 1 से 11 दिसम्बर तक बंधक बनाकर रखे थे। मौका पाकर पड़ोस में गया और मोबाइल से दूसरी पत्नी को घटना के बारे में बताया तब वह आई और इलाज कराने विश्रामपुर और सूरजपुर जिला अस्पताल लेकर गई, यहां से अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। जयप्रकाश के गले को कोई ज्वलनशील पदार्थ, एसिड डालकर जला दिया है। रिपोर्ट पर धारा 124(1), 296, 351(3), 115(2), 191(2), 191(3), 127(4) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।
एसडीओपी नंदिनी ठाकुर के मार्गदर्शन में थाना जयनगर पुलिस ने विवेचना कर दबिश देकर आरोपी पत्नी कामेश्वरी अगरिया 40 वर्ष, कुन्ती पति जोगेन्दर वर्मा 32 वर्ष, रीमा अगरिया पति जयप्रकाश 24 वर्ष, जोगेन्दर वर्मा 35 वर्ष, जयप्रकाश अगरिया 32 वर्ष सभी निवासी ग्राम कमलपुर थाना जयनगर को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल किया, जिनके निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे का पंजा व रॉड जप्त कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी जयनगर नरेन्द्र सिंह, एएसआइ रघुवंश सिंह, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र सिंह, आरक्षक विकास मिश्रा, भुवनेश्वर सिंह, महिला आरक्षक शर्मिला पैंकरा, प्रमिला कुजूर सक्रिय रहे।

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