रायपुर। छत्तीसगढ़ में एसआईआर के पहले चरण के नतीजे आ गए हैं। एसआईआर के तहत छत्तीसगढ़ में 2.12 करोड़ मतदाताओं में से 27.34 लाख के नाम मसौदा मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। 1,79,043 मतदाता एक से ज्यादा जगहों पर रजिस्टर्ड पाए गए हैं। घर-घर जांच में 6.42 लाख मतदाता मृत मिले और 19.13 लाख मतदाता अपने पते पर अनुपस्थित या स्थानांतरित पाए गए। राज्य के कुल 2.12 करोड़ मतदाताओं में से 87 प्रतिशत ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए हैं।

डेढ़ महीने चला अभियान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 4 नवंबर से 18 दिसंबर तक बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर सत्यापन किया। इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए राज्य के 33 जिलों में हजारों अधिकारियों और बीएलओ ने दिन-रात मेहनत की है।

87 प्रतिशत लोगों ने लिया भाग
इसमें राज्य के 2.12 करोड़ मतदाताओं में से 87 प्रतिशत से अधिक लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने फार्म जमा किए। एसआईआर दौरान यह पता चला है कि लगभग 1,79,043 मतदाता ऐसे हैं जिनका नाम एक से अधिक जगहों पर दर्ज है। यह संख्या कुल मतदाताओं का लगभग एक प्रतिशत है।

6.42 लाख मतदाता की हो चुकी मृत्यु
यह भी सामने आया कि करीब 6.42 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। इतना ही नहीं 19.13 लाख से अधिक मतदाता या तो अपना घर बदल चुके हैं या जांच के समय मौजूद नहीं थे। इनमें से कई लोग दूसरे राज्यों में बस चुके हैं या अब उस पते पर नहीं रहते हैं। आयोग ने साफ किया कि जिन वोटर्स के नाम कई जगहों पर दर्ज हैं, उन्हें केवल एक ही वैध स्थान पर रखा जाएगा ताकि फर्जी मतदान की संभावना खत्म हो सके।

आपत्तियां 22 जनवरी तक होगीं दर्ज
पात्र मतदाता 22 जनवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। पात्र नागरिक मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए अपने नाम की जांच कर सकते हैं। सभी आपत्तियों का निपटारा कर 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। यह कदम न केवल सूची को शुद्ध बनाएगा, बल्कि आने वाले चुनावों में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।

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