राजेन्द्र ठाकुर बलरामपुर

बलरामपुर रामानुजगंज वन परिक्षेत्र फुलवार गांव की घटना है मंगलवार की शाम करीब 6 बजे की है, एक किसान अपने खेत में फसल की कटाई कर रहा था। इसी दौरान हाथी के हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। अपनी पति को बचाने के लिए उसकी पत्नी आगे आई, लेकिन हाथी ने उस पर भी हमला कर दिया, जिससे उसका एक हाथ धड़ से अलग हो गया। आनन-फानन में घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। किसान की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। वहीं
दूसरी घटना रामपुर गांव की है, जहां महुआ बीनने गए एक व्यक्ति पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया। मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। वन विभाग ने मृतक के परिवार को तत्काल पच्चीस हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। लगातार हो रही हाथी के हमलों से ग्रामीण काफी सहमे हुए हैं
आपको बता दें कि रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के जंगलों में लगातार हाथियों का आवक जावक लगातार बना रहता है लेकिन रामानुजगंज वन विभाग के आला अधिकारी कुंभकर्णी नींद पर सोते रहते हैं और उनकी कुंभकर्णी नींद तब टूटती है जब कोई बड़ी घटना घटित हो जाती है
हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि जब भी हाथी क्षेत्र में पहुंचता है तो जिम्मेदारों को पता ही नहीं होता है कि हाथी आया भी है या नहीं इन जिम्मेदारों को घटना घटित हो जाने के कुछ घंटे बाद पता चलता है कि हमारे क्षेत्र में हाथी भी आया हुआ है इन जिम्मेदारों को इतने बड़ी जिम्मेदारी दी गई है लेकिन वे सब अपने बंगलो तक ही सीमित है और तो और सब अपने रेंज की नियमित भ्रमण तक नहीं करते यही वजह बनता है कि हाथी के हमलों से लगातार मौत की घटनाएं बढ़ती रहती है जबकि वन विभाग हाथी प्रभावित क्षेत्र के लिए तमाम तरह की सुरक्षा को लेकर सुविधा मुहैया करती है बावजूद इसके भी घटनाएं लगातार घटीत होती रहती है
वही ग्रामीणों ने कहा कि हाथी के आवको की जानकारी हमने पूर्व में भी कई बार वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को अवगत करा चुके हैं लेकिन वजूद इसके इस पर कोई भी पहल अब तक नहीं किया जा सका है जिसका खामियाजा ग्रामीणों को अपनी जान गंवाकर चुकाना पड़ रहा है शायद जिम्मेदार पहले इस क्षेत्र में मुनादी भी करा देते तो इतनी बड़ी घटना नहीं घटती
जिम्मेदार वन विभाग के अधिकारी के सामने एक बहुत बड़ा फार्मूला है मुआवजा ग्रामीणों ने कहा कि फसल नुकसान हो या किसी का मौत हो तो साहब आते हैं और मुआवजा राशि देते हुए मीडिया को बयान देकर पलडा झाड़ लेते हैं

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