पूर्व प्रभारी प्राचार्य पर लग रहा व्यापक अनियमितता का आरोप
बिश्रामपुर। मुख्यमंत्री भुपेश बघेल की अति महत्त्वाकांक्षी योजना स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्राचार्य पद को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सका है। प्राचार्य के स्थानांतरण के पखवाड़े भर बाद प्रभार न दिए जाने से लोगों में उहापोह की स्थिति बनी हुई है। ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री की मंशा पर पलीता लगता दिखाई पड़ रहा है। गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब बच्चों को बेहतर तरीके से अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का प्रदेश भर में संचालन कराया जा रहा है। इसी तारतम्य में शासन के मंशानुरूप जयनगर में भी स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता से बच्चों के भविष्य के साथ मजाक किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व प्रभारी प्राचार्य वीरेंद्र जायसवाल के कार्यकाल में बच्चों को शासन के मंशानुरूप उचित रूप से शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध न होने की वजह से विद्यालय का परीक्षा परिणाम काफी निराशाजनक रहा। इसी बीच 17 अप्रैल को तत्कालीन कलेक्टर इफ्फत आरा द्वारा एक आदेश जारी करते हुए प्रभारी प्राचार्य वीरेंद्र जायसवाल को जयनगर से हटाकर भुनेश्वरपुर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल हेतु स्थानांतरित कर दिया गया था, जिसमें प्रशासनिक व वित्तीय प्रभार नए प्राचार्य कलिस्ता अक्खड़ को दिए जाने हेतु निर्देशित किया गया था। बावजूद इसके आज तक नवपदस्थ प्राचार्य को विद्यालय का प्रभार पूर्व प्रभारी प्राचार्य द्वारा नहीं दिया गया है। इसके पश्चात जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 1 मई को पुनः एक संशोधित आदेश जारी करते हुए नवपदस्थ प्राचार्य को वित्त प्रभार से मुक्त रखते हुए पूर्व प्राचार्य को प्रभार दिए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। ऐसी स्थिति में पूर्व प्रभारी प्राचार्य वीरेंद्र जायसवाल द्वारा भुनेश्वरपुर स्कूल का प्रभार लिए जाने के बाद भी जयनगर में नवपदस्थ प्राचार्य को पखवाड़ेभर भी प्रभार न दिए जाने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
परीक्षा परिणाम निराशाजनक
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा सत्र 2022-23 के परीक्षा परिणाम भी काफी निराशाजनक रहा है। प्रभारी प्राचार्य वीरेंद्र जायसवाल के कार्यकाल में जो पिछला सत्र बीता है, उसमें विद्यालय के काफी बच्चों को फेल होने का सामना करना पड़ गया है। कई बच्चे तो ग्रेस मार्क के बाद भी पूरक आए हैं। ऐसी स्थिति में विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
आय व्यय में गड़बड़ी की आशंका
विद्यालय के पूर्व प्रभारी प्राचार्य वीरेंद्र जायसवाल द्वारा विद्यालय के आय व्यय की जानकारी कभी भी शाला विकास एवं प्रबंधन समिति के समक्ष नहीं रखा गया है। नियमानुसार समिति को विद्यालय प्रबंधन द्वारा आय व्यय की जानकारी उपलब्ध कराए जाने के बाद ही राशि आहरित की जा सकती है लेकिन यहां पर अभी तक ऐसी कोई स्थिति नहीं हुई है। विद्यालय के आय व्यय की जानकारी न होने से समिति के सदस्यों द्वारा भी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। ज्ञात हो कि शाला प्रबंधन व विकास समिति को शासन द्वारा काफी अधिकार दिए गए हैं लेकिन यहां पर प्रशासनिक उदासीनता की वजह से समिति को पूरी तरह से दरकिनार रखा गया है।
नर्बदेश्वर सिंह
अध्यक्ष, शाला विकास व प्रबंधन समिति
प्रभार दिलाने देता हूं निर्देश
स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल जयनगर में नवपदस्थ प्राचार्य को प्रभार दिलाने का निर्देश मैं तुरंत देता हूं। जल्द ही प्राचार्य को प्रभार दिलाकर विद्यालय की बेहतर तरीके से शिक्षा व्यवस्था संचालित कराई जाएगी।
संजय अग्रवाल
कलेक्टर, सूरजपुर

Categorized in: