छलकते हैं जाम… कार्रवाई कीजिये ज़िले के कप्तान परेशान है आवाम…

अम्बिकापुर- सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर थाना अंतर्गत जुआ का कारोबार ने पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लिया है। पुलिस कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। जुआ संचालित करने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि पुलिस का उन्हें तनिक भी खौफ नहीं है। बिश्रामपुर पुलिस थाने के अंतर्गत कमलापुर जंगल व कुन्दा स्टेडियम ग्राउंड, गांगीकोट पुलिया पिकनिक स्पॉट, रामनगर मंदिरपारा, रामपुर में जुआ का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। जुआ के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने का दावा तो कर रही है, लेकिन उसके बाद भी लगाम नहीं लग पा रही है।

ज्ञात हो कि जिले के ज्यादातर गली-मुहल्ले में खुलेआम जुआ का धंधा चल निकला है। कभी-कभार पुलिस दो-चार छोटे एजेंटों को पकड़ कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती है, जबकि हकीकत यह है कि जुआरियों के कारनामों को जानने के बाद भी पुलिस के स्थानीय और आला अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। यही वजह है कि यह कारोबार बिश्रामपुर थाना के आसपास के क्षेत्र में फल-फूल रहा है। सूत्र बताते हैं कि कई ऐसे स्थान हैं, जहां शाम होते ही महफिल सज जाती है। माना जा रहा है कि बिश्रामपुर थाना अंतर्गत में रोजाना लाखों रुपये का सट्टा और जुआ खेला जा रहा है। लेकिन पुलिस सिर्फ इन कार्रवाई नहीं कर पा रही है।

बाहर से आते हैं जुआरी…

जिले में कुछ समय पहले शहर में जुए का कारोबार जोरों पर संचालित किया जाता था। पूर्व में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस अवैध कारोबार को ध्वस्त किया था, लेकिन वर्तमान में फिर से क्षेत्र में एक बार फिर जुआ माफिया सक्रिय हो गए हैं। जिले में संचालित जुए के फड़ में दांव लगाने के लिए क्षेत्र के बड़े-बड़े जुआरियों का आना जाना लगा रहता है। वहीं अंदेशा लगाया जा रहा है, कि जुए के बढ़ते व्यापार से शहर में आपराधिक वारदातों में इजाफा हुआ है।

ब्याज का धंधा जोरों पर….

जुए के फड़ में साहूकार लंबी रकम लेकर पहुंचते है, जहां पर जुआरी जुए में रकम हारने के बाद, वहीं तुरंत लंबे प्रतिशत ब्याज दर रकम देता है जिससे फिर वह जुआ खेलने लग जाता है। इस ब्याज की रकम के चलते कई घर टूट कर बिखर चुके हैं और वहीं ब्याज देने वाले साहूकार मोटी रकम कमाई की जा रही है।

जुआरियों के मुखबिर तेज तर्रार, देते हैं हर मिनट की खबर…

लोगों का कहना है कि जुआरियों के मुखबिर काफी तेज तर्रार हैं, वे हर किसी व्यक्ति पर नजर रखे हुए रहते हैं, जैसे ही कोई जुआ फड़ के रास्तों से गुजरता है तो तत्काल उसका लोकेशन वे जुआ संचालक को बताते हैं, जिसके चलते जुआरियों को पकड़ना पुलिस विभाग के लिए चुनौती बन गई है।

दिन-रात सज रहा जुए का फड़…

गांवो में जोरो से जुआ खेला जा रहा है। नई पीढ़ी के तमाम युवा पूरी तरह से जुए की लत की गिरफ्त में है। दिन हो चाहे रात जब चाहे तब फड़ सज रहे हैं। हजारों लाखों का वारा न्यारा हो रहा है। फड़ सजाने के लिए नगर व गांव में कई अड्डे निर्धारित है।

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