उपसरपंच ने मुआवजा न मिलने पर जेसीबी से खुदवाया गढ्ढा, आवागमन बंद

वेद प्रकाश मिश्र

बिश्रामपुर। सूरजपुर जिला मुख्यालय से 2 दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने बने पुल के समीप उपसरपंच द्वारा जेसीबी से गढ्ढा खुदवाकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया है। मार्ग अवरुद्ध होने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2013 में लाखों रुपए की लागत से ग्राम पंचायत सरस्वतीपुर में रिहन्द नदी पर बने छठ घाट के पास सूरजपुर जिला मुख्यालय से दर्जनभर से अधिक गांवों की जनता की सुविधा के लिए पुल का निर्माण कराया गया था। यहां पर सड़क निर्माण कार्य कुछ दूरी तक न होने पर ग्राम पंचायत द्वारा मुरुमीकरण कार्य कराकर सड़क निर्माण कराया गया था लेकिन जगह-जगह गड्ढे हो जाने के कारण पंचायत द्वारा इनदिनों पुनः गड्ढों में मुरूम डाला जा रहा था। इस दौरान गांव के उपसरपंच ने अपनी उक्त सड़क भूमि का मुआवजा नहीं मिलने से नाराज होकर जमीन पर बने सड़क को 4 फीट तक जेसीबी से खुदवा दिया गया है, जिससे आवागमन अब बाधित हो गया है। ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत सरस्वतीपुर रिहन्द नदी में जब पुल का निर्माण नहीं हुआ था तब ग्राम पंचायत सरस्वतीपुर, रूनियाडीह, सोहागपुर, दतिमा, रामनगर, कुम्दा बस्ती, रामपुर, डबरीपारा, अडरापारा, पतरापारा, करंजी, खरसुरा, कटईपारा सहित आसपास के 2 दर्जन से अधिक पंचायतों के लोगों को 30 से 40 किलोमीटर लंबी दूरी तय कर विश्रामपुर होते हुए जिला मुख्यालय सूरजपुर जाने के लिए दूरी तय करनी पड़ती थी, लेकिन छठ घाट पर पुल बन जाने से ग्रामीणों को कुछ हद तक राहत मिली लेकिन सड़क के अभाव में ग्रामीण परेशान हैं। वहीं दूसरी ओर इस मार्ग से प्रतिदिन शासकीय अधिकारी-कर्मचारी, नेता, व्यापारी, ग्रामीण, स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थी आवागमन करते हैं। छठ घाट पुल के पास से सरस्वतीपुर गांव तक सड़क खस्ताहाल है। उपसरपंच द्वारा सड़क पर आवागमन बंद करा दिए जाने से राहगीरों को बेवजह खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और बेवजह जिला मुख्यालय हेतु लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि प्रेमनगर विधायक खेलसाय सिंह के अथक प्रयास से ग्राम पंचायत सरस्वतीपुर से छठ घाट तक सड़क निर्माण कार्य हेतु 7 करोड़ 60 लाख रुपए अनुपूरक बजट में स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन स्वीकृति के बाद भी विभागीय अधिकारियों द्वारा उक्त निर्माण कार्य को शुरू नहीं कराया जा सका है।

सीएम की घोषणा भी अधूरी

ग्रामीणों ने बताया कि मई महीने में जब मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ग्राम पंचायत रामनगर में लोगों से भेंट मुलाकात करने आए थे, उस समय भी लोगों ने सीएम से यहां पर सड़क की मांग दोहराई थी। मांग पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा सड़क बनाने की घोषणा किया गया था लेकिन आज महीनों बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा यहां पर सड़क निर्माण कार्य कराए जाने हेतु कोई पहल नहीं की गई है। जिससे क्षेत्रवासियों में नाराजगी व्याप्त है। 

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