राजेन्द्र ठाकुर बलरामपुर बलरामपुर सयुंक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में जिला प्रशासन व यूनिसेफ की टीम के साथ गांव के सरपंचों ने सुपोषित ग्राम-सुपोषित बलरामपुर बनाने की शपथ ली। यूनिसेफ व जिला प्रशासन की सयुंक्त पहल पर सरपंचों ने अपने ग्राम पंचायतों को कुपोषण और एनीमिया मुक्त बनाने का संकल्प लिया। जिसके तहत जिले के 45 से अधिक सरपंचों ने शपथ लेते हुए अपने ग्राम पंचायतों को कुपोषण मुक्त बनाने की दस रणनीतियों को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की। कलेक्टर श्री इंद्रजीत एस. चंद्रवाल ने जिले के सभी सरपंचों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने ग्राम पंचायतों में कुपोषण और एनीमिया को समाप्त करने के इस प्रयास का नेतृत्व करें। साथ ही सरपंचों को हर माह मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों से मिलकर अपने-अपने ग्राम पंचायतों में स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा से संबंधित कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करने को कहा। “कुपोषण दूर करने की दिशा में जिले में उल्लेखनीय कार्य हुए है तथा 5 साल से कम उम्र के सभी 98 हज़ार बच्चों की पोषण स्थिति का आकलन करने के लिए 7 से 17 जुलाई के दौरान जिला-व्यापी वजन त्यौहार शुरू किया गया है। इस दौरान यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के प्रमुख जॉब ज़करिया ने कहा कि बलरामपुर में सरपंचों के सहयोग से ग्राम पंचायतों को कुपोषण मुक्त बनाने में मिसाल कायम होगा। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवा स्वयं सेवकों और स्व सहायता समूहों के सदस्यों की मदद ली जा सकती है। जिले के 468 ग्राम पंचायतों और 2 हज़ार 356 आंगनबाड़ी केंद्रों को शामिल कर सुपोषण अभियान को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तूलिका प्रजापति, यूनिसेफ की टीम, महिला बाल विकास के कार्यक्रम अधिकारी श्री जे.आर. प्रधान सहित संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए।

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