अंबिकापुर. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बुधवार से की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है। धान बेचने के लिए दो दिन पूर्व से ही किसानों को टोकन जारी किया जा रहा है। जिले में इस बार धान खरीदी के लिए कुल ४६ केन्द्र बनाए गए हैं। जिसमें तीन नए उपकेन्द्र भी शामिल है। धान खरीदी के लिए बारदाने की अभी पर्याप्त व्यवस्था है। वर्तमान में एक माह के लिए धान खरीदी हेतु बारदाने की कोई कमी नही है। करीब 24 लाख बारदाने की उपलब्धता है। इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 25 हजार टन अधिक धान की खरीदी होगी। इस बार धान के रकबे में करीब 20 प्रतिशत तथा किसानों के पंजीयन में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।शासन के निर्देश पर इस वर्ष धान की खरीदी १ दिसंबर से शुरू कर दी जाएगी। इसे लेकर जिले के सभी ४६ केन्द्रों पर तैयारी पूरी कर ली गई है। धान खरीदी के लिए किसानों को कोई परेशानी नहीं हो इस लिए हर केन्द्र पर प्रयाप्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है। धन खरीदी के पहले दिन विधवत पूजा अर्चना के बाद खरीदी का काम शुरू किया जाएगा। पहले दिन ही बंफर धान खरीदी होने का अनुमान है। इस लिए जिला प्रशासन द्वारा पूर्व से ही तैयारी कर ली गई है। वहीं किसानों में भी विशेष उत्साह देखा जा रहा है। धान बेचने के लिए सारी तैयारी कर चुके हैं। कई किसानों ने टोकन भी ले लिया है। इस वर्ष भी पिछले वर्ष की तरह किसानों को तीन टोकन दिया जाएगा। तीन टोकन के माध्यम से वह अपनी सारी धान बेचेंगे। जिला प्रशासन द्वारा चौथे टोकन देने का नियम नहीं है। इस लिए किसान तीन टोकन से अपनी पूरी धान बेचेंगे। जिले में पिछले साल के मुकाबले इस बार पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़ गई है। संभाग में करीब १ लाख ८० हजार किसानों बढ़े हैं। इसके लिए जिले में बीते एक माह से तैयारी चल रही थी। जिला विपणन कार्यालय द्वारा खरीदी केंद्रों में बिजली व्यवस्था के साथ ही चबूतरों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही बारिश से बचाव के लिए तारपोलिन की भी खरीदी हो गई है।  
तीन नए उप केन्द्र बनाए गएधान बेचने के लिए किसानों को किसी तरह कोई परेशानी न हो इसके लिए जिले में तीन नए उपकेन्द्र बनाए गए हैं। किसानों की परेशानी को देखते हुए रकेली, सखोली, खडगांव में उपकेन्द्र बनाए गए हैं। जिले में अब कुल ४६ केन्दों पर धान की खरीदी होगी। 
४९५७६ किसान पंजीकृतजिले में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष किसानों की संख्या बढ़ी है। पिछले वर्ष जहां ३८ किसान पंजीकृत थे वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर ४९ हजार ५७६ हो गई है। वहीं इस वर्ष २ लाख ४३ हजार ८६१.७ हेक्टेयर रकबा से धान की खरीदी होगी। पिछले वर्ष की तुलना में २५ हजार ३३३ टन अधिक उपार्जन की उम्मीद है। 

Categorized in: