रायपुर – अभी लॉक डाउन को 50 दिन ही गुजरे है लेकिन ऐसा लगता है जैसे हम यूगो पहले जैसे लूट खसोट होती थी वही दिन अब देखने को मिल रहा है।
जहां देखो लूट 10 की जगह 20 , 20 की जगह 40 जैसे कीमती भाव में हर कोई हर सामान भर लेता है, ठीक वैसे ही जनता है जो चीज़ नहीं खरीदनी हो उसे भी खरीद कर रख लेता है, अभी मदिरालय खुले मात्र 5 दिन ही हुए है सरकारी दुकानों में भी लूट यांनी जहाँ देखो लूट ही लूट, हां भई क्यों नहीं जहा लॉक डाउन में शराब जहा बहुत ही ऊँची कीमतों में बिक सकती है, तो हम अगर थोड़ी से कीमत में बढ़ोतरी कर के गलत नहीं किया।
अब जब मजदूरों की कमर टूट चुकी है,सारे काम काज लगभग बंद से पद गये है, कही किसी का लोन क़िस्त है तो कही बच्चो की फीस का इंतज़ाम काम नहीं होने की वजह से नशे की लत पड़ जाती है ऐसे मे चाहे मकान बिक जाय या सारी प्रापर्टी उसको सिर्फ नशा ही सूझता है।
लॉक डाउन में भी नशे का कारोबार खूब पनपा जिसमे कार्यवाही ना के बरोबर रही वही कुछ मामले तो सरकारी शराब दुकानों से भी चोरी हो गई शराब की बड़ी खेप जिसमे भी अपराधियो को पूरी तरह से पकड़ने में नाकाम रही, कुछ एक मामले को छोड़कर।
वही खाने पीने की सामानों में भी भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है जिसमे भी सरकार के खाद्यविभाग की कोई हरकत नज़र नहीं आती पिसती तो सिर्फ जनता ही है।
अब आज की ही लो अब नमक की काला बाज़ारी होनी शुरू हो गयी है, अब लोग नमक के पीछे भाग रहे है, ऐसा क्या हो गया कि अब प्रदेश में नमक की कमी अचानक कैसे हो गई जो आने वाले समय के लिए चिंता का विषय होगा… अब देखना है प्रसासन की नींद कब टूटती है।

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