इसके वजह से बहुत सारे लोग संक्रमित हो रहे हैं एवं सीरियस हालत में अस्पतालों में पहुंच रहे हैं जिसकी वजह से जान माल का अत्यधिक नुकसान हो रहा है।

1 अगर हमें महामारी को नवंबर – दिसंबर तक काबू पाना है तो हमें छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले एवं तहसील में कोरोनावायरस जांच की सुविधा जल्द से जल्द उपलब्ध करानी पड़ेगी।

2 छत्तीसगढ़ में कुल 28 जिले हैं जिनमें में 22 जिले पिछड़े क्षेत्रों में आते हैं। इन क्षेत्रों में कोई भी NABH हॉस्पिटल नहीं है।
अतः सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों को रैपिड एंटीजन टेस्ट करने की इजाजत देना चाहिए।
सरकार ने रैपिड टेस्ट की दर तय कर दी है अतः इसमें मुनाफाखोरी होने का कोई गुंजाइश नहीं है।

3 कोविड-19 का बेहतर इलाज तभी संभव है जब मरीज को जल्द से जल्द डायग्नोज किया जा सके इससे न केवल संक्रमण रुकता है बल्कि उचित समय पर मरीज को इलाज मिलने से उसकी तकलीफ कम हो जाती है एवं जान का खतरा भी कम होता है।

अतः आपसे निवेदन है की प्रत्येक शहर में हर वार्ड में रैपिड एंटीजन टेस्ट की सुविधा मुहैया हो इस हेतु शासन इजाजत दे एवं प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों के जिलों में सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों में जांच की सुविधा जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए।

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