महंगई(मिथलेश जायसवाल)- दिनों-दिन हो रहे अतिक्रमण व अवैध कटाई के विरोध में चारों पंचायत नवापारा खुर्द, कालीपुर, महंगई, दुर्गापुर के लोग 500 की संख्या में उपस्थित होकर वन विकास की टीम पर पैसा लेकर जमीन बेचने का आरोप लगाते हुए हजारों एकड़ भूमि पर हुए कब्जे को खाली कराने की बात रखते हुए सभी पंचायतों की वन भूमि सीमा निर्धारण करने व सभी को कब्जा दिलाने की मांग ग्रामीणों द्वारा की जा रही थी।

वन विकास निगम मंडल अंबिकापुर के परिक्षेत्र लहंगा में विगत कई वर्षों से भू माफियाओं व ग्रामीणों द्वारा हजारों एकड़ भूमि पर अतिक्रमण कर धान के फसल लगाए गए हैं वही सरकार की वन अधिकार पट्टा मिलने के लालच में क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा हजारों एकड़ जंगल को उजाड़ दिया है, जिसमें हजारों पेड़ पौधों की बलि चढ़ा दी गई है।

वही जंगल के बीच बहने वाला नाला को पूरी तरह बांधकर बड़े-बड़े खेत बना दिए गए हैं जिसमें सालाना प्रति व्यक्ति सैकड़ों क्विंटल धान उत्पादन किया जा रहा है और जंगल के भीतर आज भी भयानक रूप में छोटे बड़े हजारों की संख्या में पेड़ों को काटकर कब्जा करने कि लोगों में होड़ मची हुई है। आज स्थिति यह हो गई है कि इस क्षेत्र में अतिक्रमण भयावह रूप ले चुका है।

अब इसे वन विभाग की सांठगांठ कहें या फिर लापरवाही दर्जनों अधिकारी कर्मचारी होने के बावजूद इस तरह की भयानक था परी क्षेत्र में देखने को मिल रही है। इस परिक्षेत्र में आने वाले जंगलों में अतिक्रमण इस कदर बढ़ गई है कि ग्राम पंचायत नवापारा खुर्द कालीपुर महंगई दुर्गापुर के जनप्रतिनिधि युवा भयभीत ग्रामीण एकत्रित होकर सीमा विवाद पर उतारू हो चुके हैं और हो रहे अतिक्रमण का भारी विरोध कर रहे हैं।

चारों पंचायत वन विभाग की टीम के समक्ष सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर अपने अपने पंचायत की वन भूमि की सीमा तलाश रही है जिससे अन्य पंचायत के लोग दूसरे पंचायत के सीमा में हो रहे अतिक्रमण को रोका जा सके। सरपंचों का कहना है कि सभी चार पंचायत को सीमा दायरा की जानकारी होने के बाद अपने अपने पंचायत के दायरे में आने वाले जंगलों की सीमा में हो रहे अतिक्रमण पर विवाद की स्थिति निर्मित ना हो।

इस मामले में ग्रामीणों से पूछे जाने पर पता चला कि यह पूरा विवाद अपने पंचायत सीमा क्षेत्र में दूसरे पंचायत के लोग सैकड़ों एकड़ भूमि पर काबिज हो गए हैं जिस पर विभाग रोक लगाकर सारा कब्जा हटाया नहीं तो हजारों की संख्या में चारों पंचायत के ग्रामीणों द्वारा इसका विरोध दर्ज कराते हुए जंगल की सारी भूमि पर हिस्सा बंटवारा करते हुए सभी लोग कब्जा करेंगे जिस पर विभाग के अधिकारी ग्रामीणों को 1 महीने के अंदर भूमि खाली कराने वह सीमा विवाद को सुलझाने का आश्वासन दिया गया तब जाकर ग्रामीणों ने विरोध समाप्त किया। इस विरोध के दौरान प्रभारी एसडीओ चित्रा त्रिपाठी डीके नेताम डिप्टी रेंजर सतवंत सिंह डिप्टी रेंजर किशन यादव सरिता डिप्टी रेंजर समेत अन्य स्टाफ उपस्थित थे।

इस मामले में मंडल प्रबंधक अंबिकापुर वन विकास निगम जे.आर. राठिया ने बताया कि अतिक्रमण अगर व्यापक रूप में हो रही है उसे रोकने हमारी टीम रात दिन गलती कर रही है वही ग्राम पंचायतों की सीमा मामले में राजस्व अधिकारियों के उपस्थिति में एक माह के अंदर सुलझा लिया जाएगा।

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