वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए की जा रही प्रभावी पहल : डीएफ

मनेंद्रगढ़ वनमंडल में चलाया जा रहा महुआ बचाओ अभियान, 80 हजार लगाए गए पेड़

मनेन्द्रगढ़ (एमसीबी)। वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रभावी पहल की जा रही है। मनेंद्रगढ़ वनमंडल में ग्रामीणों की आय का स्रोत बढ़ाने के लिए महुआ बचाओ अभियान चलाया जा रहा है । मनेंद्रगढ़ वन मंडल में 80 हजार पेड़ लगाए गए हैं जिनकी रक्षा ट्री गार्ड लगाकर की जा रही है । वही चंदन के पेड़ बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में 3 लाख पेड़ भेजे गए हैं । वनों के साथ-साथ उन पर आश्रित आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को वानिकी विकास के जरिए समृद्ध किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पिछले एक साल में वनों की सुरक्षा और विकास के साथ-साथ वनों पर आश्रित वनवासियों के कल्याण की नई इबारत लिखी गई है। प्रधानमंत्री के निर्देशन में एवं मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में एक पेड़ मां के नाम लगाने का अभियान भी चलाया गया है । उक्त बातें मनेन्द्रगढ़ वन मंडलाधिकारी मनीष कश्यप ने सोमवार को प्रेस से मिलिए कार्यक्रम के तहत चैनपुर स्थित पत्रकार भवन में कही । प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में डीएफओ मनीष कश्यप ने कहा कि ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए मनेंद्रगढ़ वनमंडल में महुआ पेड़ बचाओ अभियान चलाया गया है । अगर ग्रामीण महुआ संग्रहित करने में जाली लगाकर करें तो साफ महुआ संग्रहित हो सकता है उसमें उन्हें चौगुन दर मिलेगा । अगर एक किसान के पास 10 महुआ पेड़ है तो उसे सीजन में सिर्फ 15 दिनों की मेहनत में 1 लख रुपए की आय हो सकती है एक महुआ पेड़ में साल में दस हजार की आय होती है । महुआ पेड़ बचाओ अभियान को लेकर उनके द्वारा विशेष पहल की जा रही है जिसकी सराहना छत्तीसगढ़ में की जा रही है इसके साथ-साथ झारखंड से भी इसके संबंध में जानकारी मांगी गई है । डीएफओ श्री कश्यप ने कहा कि प्रदेश में वन-जन को समन्वित कर वानिकी में भागीदारी का अंश बढ़ाने के साथ ही ‘जन’ की सक्रियता बढ़ाने के उद्देश्य से संयुक्त वन प्रबंधन की विचारधारा को सशक्त रूप से अपनाया गया है। संयुक्त वन प्रबंधन के लिए ग्राम वन, वन सुरक्षा और ईको विकास समितियाँ गठित हैं। इनके माध्यम से वन क्षेत्रों का प्रबंधन किया जा रहा है। प्रदेश के किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कृषि फसलों के साथ बाँस रोपण एक बेहतर विकल्प के रूप में लोकप्रिय हुआ है। इस वित्त वर्ष में 3597 किसानों ने बढ़ चढ़कर बाँस रोपण किया जिस पर उन्हें अनुदान दिया गया। वनोपज की मांग और आपूर्ति के बढ़ते अन्तर को कम करने और किसानों की आर्थिक समृद्धि के लिए निजी भूमि पर वनीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। गैर वन क्षेत्रों में विभिन्न प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया है। आम लोगों को विभाग के माध्यम से भी पौधे उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है। वनों की संवहनीयता बनाए रखने के लिए बिगड़े वनों का सुधार, वृक्षारोपण आदि कार्य किए जाते हैं।
प्रदेश में वनों की अवैध कटाई को रोकने के लिए वन विभाग द्वारा प्रतिबद्धता से कार्य किया जा रहा है। बीट प्रभारी के अलावा परिक्षेत्र सहायक से लेकर उप वन मण्डलाधिकारी स्तर तक के अधिकारी रोस्टर अनुसार वनों के अवैध रूप से काटे वृ्क्षों की जाँच कर आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही करते हैं। अपराधियों से निपटने के लिए बन्दूक और रिवाल्वर उपलब्ध कराए गए हैं। सभी वन क्षेत्रों में उड़न दस्ता दल गठित है, जो समय-समय पर स्थानीय अमले को अतिरिक्त सुरक्षा-सहायता प्रदान करता है । प्रेस मिलिए कार्यक्रम में डीएफओ मनीष कश्यप ने पत्रकारों की मांग पर पत्रकार भवन के लिए साउंड सिस्टम उपलब्ध कराने की बात कही है साथ ही सर्प मित्रों को भी सामग्री उपलब्ध कराने की बात की है । प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष रंजीत सिंह सहित काफी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे ।

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