अवैध कमाई में लगे एजेंट के कारण रेलवे को हो रही थी लाखों की क्षति  

अंबिकापुर। सरगुजा में रेलवे की आईडी लेकर निजी आईडी से टिकट बनाने वाले दलाल को आरपीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया है, जिससे रेलवे को लाखों का नुकसान हो रहा था। शुक्रवार को रेलवे पुलिस ने ट्रेन टिकट बनाने वाले दलालों के खिलाफ अभियान चलाया था, इस दौरान बह्म रोड स्थित ट्रेवल एजेंसी में छापामार कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि रेलवे का आईडी होने के बाद भी एजेंट के द्वारा निजी आईडी से रेलवे टिकट बना अवैध कमाई की जा रही थी। आरपीएफ की टीम ने आरोपित को कई धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक रेलवे पुलिस फोर्स के प्रभारी निरीक्षक समीर खलखो के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस के सहयोग से छापामारी अभियान चलाया गया था। आरपीएफ और पुलिस की टीम ब्रह्म रोड स्थित गंगोत्री ट्रेवल्स एंड सर्विसेज में पहुंची और दुकान संचालक श्रीधर केसरी के कंप्यूटर की जांच की तो उसके द्वारा रेलवे एजेंट की जारी आईडी के बजाए निजी आईडी से टिकिट बनाना सामने आया। टीम ने आरोपित का एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन, एक कंप्यूटर सेट, एक प्रिंटर, डोंगल और आइआरसीटीसी के एजेंट की आइडी को जब्त किया है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि आरोपित एजेंट की आईडी को निरस्त कर दिया जाएगा। रेलवे पुलिस मामले में श्रीधर केसरी के खिलाफ धारा 143 रेलवे अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर उसे जेल भेज दी है।
यात्री चुका रहे थे अतिरिक्त राशि
रेलवे पुलिस फोर्स के प्रभारी निरीक्षक समीर खलखो के अनुसार आरोपित स्लीपर कोच का टिकिट बनाने के लिए प्रति व्यक्ति 50 से 100 रुपये और एसी टिकिट बनाने के लिए प्रति व्यक्ति 100 से 150 रुपये तक कमीशन लेता था, जिससे आम नागरिकों को अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ती थी, वहीं रेलवे को बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा था। टीम ने जांच के दौरान आरोपी के पास से 30 नग तत्काल एवं प्रीमियम तत्काल की ई-टिकिट बरामद की है, जिसकी कीमत 66 हजार 780 रुपये है।

Categorized in: