वेद मिश्रा

बिश्रामपुर। रक्षाबंधन पर्व मनाने अपने गृहग्राम लौट रहे इसरो के वैज्ञानिक को रहस्यमय ढंग से गायब हुए करीब सप्ताहभर बीत गए। सप्ताहभर बाद भी वैज्ञानिक का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। वैज्ञानिक के परिजनों में अब बड़ी अनहोनी की आशंका होने पर चिंता की लकीरें स्पष्ट झलकने लगी हैं। परिजन व पुलिस की टीम भी आज पुरी से बैरंग वापस लौट चुकी है।गौरतलब है कि लटोरी चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कसकेला औरापारा निवासी कालरीकर्मी रामदास पैकरा का 27 वर्षीय पुत्र दीपक पैकरा इसरो अहमदाबाद में वर्ष 2018-19 से वैज्ञानिक सी के पद पर पदस्थ है। बताया जा रहा है कि वैज्ञानिक दीपक पैकरा रक्षाबंधन पर्व मनाने गतदिनों 5 अगस्त को अहमदाबाद से गृहग्राम कसकेला आने निकला था। 6 अगस्त को वैज्ञानिक द्वारा नागपुर पहुंचने की जानकारी मिली है। इसके बाद से वैज्ञानिक का मोबाईल स्वीच ऑफ बताने लगा है। फोन पे के ट्रांजेक्शन आईडी के माध्यम से परिजन को वैज्ञानिक के साथी ने बताया कि वैज्ञानिक का मोबाईल लोकेशन उड़ीसा का पुरी बता रहा है। इसके पश्चात परिजन की सूचना पर पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू के निर्देश पर लटोरी पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए तत्काल दो सदस्यीय टीम को परिजन के साथ उड़ीसा के पुरी रवाना कर दिया था। पुरी पहुंची टीम व परिजन ने विवेचना में अब तक यही पाया है कि गायब वैज्ञानिक होटल ब्लू मून में ठहरा था लेकिन बिना जानकारी दिए होटल से निकल गया है। इसके पश्चात 8 अगस्त के बाद से वैज्ञानिक का मोबाईल स्वीच ऑफ होने की वजह से संपर्क नहीं हो पा रहा है। वैज्ञानिक का अंतिम मोबाईल लोकेशन उड़ीसा पुरी बताया जा रहा है। वैज्ञानिक के परिजन ने बताया कि 7 अगस्त को उसका मोबाईल चालू था लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया गया है। उसके बाद से लगातार वैज्ञानिक का मोबाईल स्वीच ऑफ बता रहा है। इसरो के वैज्ञानिक दीपक पैकरा का आज तक कोई सुराग नहीं मिलने से अब कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं। वैज्ञानिक की तलाश में परिजन के साथ पुलिस टीम आज पुरी उड़ीसा से बैरंग वापस लौट आई है। 

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