अंबिकापुर। बलरामपुर जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम चुनचुना पुन्दाग में सरगुजा रेंज के आईजी, कलेक्टर, एसपी समेत प्रशासन की टीम 10 किलोमीटर दुर्गम पथरीले रास्तों को मोटरसाइकिल से तय करते हुए ग्रामीणों के बीच पहुंची। इस दौरान उन्होंने सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत स्पोर्ट्स किट समेत अन्य सामग्री वितरित की। प्रशासनिक व पुलिस विभाग के अधिकारियों ने गांव में चौपाल लगाकर लोगो से उनकी समस्या भी सुनी। झारखंड की सीमा से सटा हैं गांव कुसमी ब्लाक के नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम चुनचुना पुन्दाग इसलिए भी अति संवेदनशील है, क्योंकि यह गांव छत्तीसगढ़-झारखंड की सीमा से सटा और घने पहाड़ियों से घिरा हुआ है। वर्तमान समय में यहां पगडंडी के जोखिम भरे रास्तो से होकर ही पहुंचा जा सकता है। आज सरगुजा रेंज के आईजी अजय यादव समेत प्रशासन व पुलिस की टीम लगभग 10 किलोमीटर जोखिम भरे रास्तो से होकर पुन्दाग पहुंची।
ग्रामीणों में जगी नई उम्मीद-
अधिकारियों ने सुदूरवर्ती वनांचल क्षेत्र पुन्दाग पहुंच कर वहां के ग्रामीणों से उनकी समस्याएं सुनी। ग्रामीणों ने मूलभूत समस्याओं पर जोर देते हुए शासन की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की। वहीं कलेक्टर ने भी ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं मुहैय्या कराने के लिए आश्वस्त किया है। पुलिस व प्रशासन की टीम को लंबे समय के बाद अपने बीच पाकर ग्रामीणों में नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकास की उम्मीद जगी है।
गांव में बिजली-पानी पहुंचाने के लिए हो रहा है काम
कलेक्टर कुंदन कुमार ने गांव में विकास की नींव यानी सड़क -बिजली पर जोर देते हुए कहा कि गांव तक पहुंचने सबाग से 22 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य प्रगति पर है। गांव में बिजली पहुंचाने के लिए भी कवायद जारी है। एसपी मोहित गर्ग ने नक्सल प्रभावित इलाके में पर्याप्त सुरक्षा के साथ सड़क निर्माण की कार्य जारी होने की बात कहते हुए कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा की सम्पूर्ण जिम्मेवारी पुलिस की है. इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं।

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