सुदधु लाल वर्मा – अंबिकापुर  ! मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की  लापरवाही एक बार फिर  सामने आई है  सोमवार की रात में  तेज बारिश हुआ तूफान से 4 घंटे तक  बिजली गुल  हो जाने से  मेडिकल कॉलेज के  एसएनसीयू  वार्ड में  भर्ती  17  नवजात शिशुओं की  जान  आफत में पड़ गई थी  एसएनसीयू वार्ड में  ड्यूटी में तैनात  नर्सों ने  किसी तरह  नवजात शिशुओं को  कंबल से ढक कर  जान बचाई ! बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड के जनरेटर की एक बैट्री 9 अप्रैल को हुई थी चोरी, अब तक नई बैट्री की व्यवस्था अस्पताल प्रबंधन  नहीं कर पाया है! मिली जानकारी के अनुसार

सोमवार की रात अचानक तेज बारिश की वजह से पूरे शहर की बिजली गुल हो गई थी। इसका सबसे अधिक असर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में पड़ा। एसएनसीयू वार्ड में 17 बच्चे एडमिट हैं। 9 अप्रैल को एसएनसीयू वार्ड के जनरेटर की एक बैट्री चोरी हो गई है, इसकी शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई पहल प्रबंधन द्वारा नहीं की गई है और इस लापरवाही का खामियाजा सोमवार की रात भुगतना पड़ा।
अचानक बिजली गुल होने से एसएनसीयू की पूरी व्यवस्था ठप हो गई थी। 4 घंटे से भी अधिक समय तक बिजली नहीं आने से इसकी जानकारी स्टाफ नर्सों द्वारा तत्काल वार्ड के प्रभारी डॉ आरके रेलवानी को दी गई। डॉक्टर रेलवानी द्वारा तत्काल अस्पताल अधीक्षक को इस संबंध में बताया गया लेकिन कोई व्यवस्था नहीं होने पर अंधेरे में ही स्टाफ नर्स द्वारा वार्ड के कंबलों से बच्चों को लपेट कर रखा गया, इससे एक बड़ा हादसा टल गया।
नर्सों की तत्परता से हादसा तो टल गया लेकिन एक बड़ा सबक अस्पताल प्रबंधन को मिला है। इसके बावजूद मंगलवार को भी बैटरी की कोई व्यवस्था नहीं की गई , जबकि मौसम लगातार दूसरे दिन भी शाम को बिगड़ गया और 1 घंटे से अधिक समय तक एसएनसीयू वार्ड की बिजली गुल थी।
एसएनसीयू वार्ड के नर्सों ने इसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन को दी तो आनन-फानन में अस्पताल प्रबंधन द्वारा पुरानी बैटरी कहीं से मंगवा कर व्यवस्था करने की बात कही गई, लेकिन देर शाम तक बैट्री की कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी
इस तरह की लापरवाही बच्चों की जान पर भारी पड़ सकती है लेकिन अस्पताल प्रबंधन को इसकी कोई चिंता नहीं है। एसएनसीयू वार्ड में जहां 24 घंटे बिजली की व्यवस्था रहना अत्यंत आवश्यक है ताकि बिजली गुल होने पर जनरेटर अथवा अन्य संसाधनों के माध्यम से बिजली की व्यवस्था कर निरंतर चालू रखा जा सके। इसके बावजूद सोमवार की रात 4 घंटे तक अंधेरे में रहकर स्टाफ नर्सों को काम करना पड़ा। रात 2 बजे के बाद जब किसी तरह जनरेटर को शुरू किया गया तब कहीं जाकर स्टाफ नर्सों ने राहत की सांस ली, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। वही मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड प्रभारी डॉक्टर रेलवानी का कहना था कि बिल्डिंग के जनरेटर से रात में ही एसएनसीयू के जनरेटर को जोड़ दिया गया था। नई व्यवस्था करने हेतु सीजीएमएससी को कहा गया है और जल्द ही इसकी व्यवस्था हो जाएगी।Attachments area

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