पात्र हितग्राहियों को 5 एकड़ तक भूमि पर पौधारोपण हेतु मिलेगा सौ प्रतिशत अनुदान

मनेन्द्रगढ़ (एमसीबी) । वनमंडल मनेंद्रगढ़ के अंतर्गत काष्ठागार वन डिपो में शनिवार को मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के तहत कार्यशाला का आयोजन एमसीबी कलेक्टर पीएस ध्रुव की उपस्थिति में किया गया । मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना कार्यशाला में वनमंडल मनेंद्रगढ़ के अंतर्गत आने वाले सभी वन परिक्षेत्र के वन परीक्षेत्र अधिकारी एवं वनरक्षक व अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए । इस दौरान वनमंडल अधिकारी लोकनाथ पटेल ने मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना की संपूर्ण जानकारी प्रदान की तथा योजना का लाभ लेने के लिए कृषकों को प्रेरित करने हेतु वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को निर्देशित किया । वनमंडल अधिकारी लोकनाथ पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का मुख्य उद्देश्य कृषकों व अन्य हितग्राहियों के निजी भूमि पर वाणिज्यिक प्रजातियों के वृक्षारोपण कर सहयोगी संस्था या निजी कंपनियों की माध्यम से इस योजना के हितग्राहियों से उत्पाद का वापस खरीद सुनिश्चित करते हुए उनके आय में बढ़ोतरी करना है । काष्ठ एवं प्लाईवुड आधारित उद्योगों को बढ़ावा देते हुए अतिरिक्त कर के रूप में शासन के आय में वृद्धि लाना, रोजगार सृजन करना, वृक्षारोपण के कार्य में सहयोगी संस्थाओं की सहभागिता से शासन के वित्तीय भार को कम करना है । वनमंडल अधिकारी लोकनाथ पटेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के सभी कृषकों, शासकीय, गैर शासकीय, अर्ध शासकीय, पंचायतें, स्वायत्व संस्थानों की भूमि पर वाणिज्यिक प्रजातियों के वृक्षारोपण उपरांत सहयोगी संस्था या निजी कंपनियों के माध्यम से निर्धारित समर्थन मूल्य पर वनोपज के क्रय की व्यवस्था करते हुए एक सुदृढ़ बाजार व्यवस्था सुनिश्चित करना है । वन मंडल अधिकारी श्री पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 5 एकड़ तक भूमि पर अधिकतम 5,000 हजार पौधे का रोपण हेतु 100 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा । वृक्षारोपण 5 एकड़ से अधिक भूमि में होने पर प्रति एकड़ अधिकतम 1000 पौधे पात्र हितग्राहियों को वन विभाग द्वारा निर्धारित वित्तीय अनुदान का 50 प्रतिशत ही दिया जाएगा तथा शेष राशि कृषकों को स्वयं वहन करना होगा । निजी शिक्षण संस्थान, निजी ट्रस्ट, पंचायतें, भूमि अनुबंध धारक, गैर शासकीय संस्थाएं जो अपने भूमि में रोपण करना चाहते हैं उनको रोपण हेतु वन विभाग द्वारा निर्धारित अंशदान का 50 प्रतिशत ही राशि दिया जाएगा शेष राशि संस्थानों को स्वयं करना होगा । इस योजना के अंतर्गत रोपण से संबंधित समस्त कार्य हितग्राही द्वारा किया जाएगा । हितग्राहियों से अपेक्षित होने पर समस्त आवश्यक सहयोग मार्गदर्शन एवं समन्वय वन विभाग द्वारा किया जाएगा । कार्य के सत्यापन तत्पश्चात वन विभाग द्वारा संबंधित हितग्राही के खाते में कार्य अनुसार राशि हस्तांतरित की जाएगी । इस योजना में मिलिया, डूबिया, टिशू कलवर, बॉस, सागौन, नीलगिरी एवं अन्य आर्थिक रूप से लाभकारी पौधों के रोपण का प्रावधान है ।कार्यशाला में उप वनमंडल अधिकारी श्री खुटिया, मनेंद्रगढ़ रेंजर आर एस कुर्रे, बालेश्वर प्रसाद मिश्रा, चंद्रमणि तिवारी, लव कुश पांडे सहित वनमंडल मनेंद्रगढ़ के सभी वन परिक्षेत्र के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे ।

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