रायपुर । स्कूल शिक्षा विभाग एवं राजीव गांधी शिक्षा मिशन से स्कूली बच्चों हेतु गणवेश की मांग आदेश छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहाकारी संघ मर्या. रायपुर को दिया जाता है जिससे प्रदेश के सभी स्व सहायता समूहों को गणवेश सिलाई कार्य के माध्यम से रोजगार प्रदाय किया जा सके । समूहों को समान कार्य मिले इस हेतु हाथकरघा संघ द्वारा माननीय मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री जी के निर्देश पर एक वर्ष/सीजन में एक समूह को 20 हजार गणवेश सेट से अधिक का कार्य आदेश नहीं दिये जाने का नियम बनाया गया है, इसके लिए हम मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी का आभार व्यक्त करते हैं ।
हाथकरघा महिला स्व सहायता समूह संगठन की अध्यक्ष शोभा ठाकुर एवं सचिव शीतला ठाकुर ने उक्ताशय का बयान जारी करते हुए कहा, कि शासन के निर्देष के बावजूद अधिकारियों की सांठगांठ से चुनिंदा स्व सहायता समूह को 50 हजार गणवेश सिलाई का आबंटन हो रहा है । दूसरी ओर सैकड़ों समूूहों को दो-चार हजार गणवेश सिलाई आबंटन मिल रहा है, इसके खिलाफ स्व सहायता समूह की महिलाओं ने संगठित होकर आज बूढ़ापारा धरना स्थल में एकदिवसीय धरना दिया ।
उन्होने कहा, कि समूह की महिलाएं अधिकारियों के उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं उन्हे परिवार चलाने के लिए काम नहीं मिल पा रहा है इसलिए आज प्रदेश की आक्रोशित और पीड़ित स्व सहायता समूह की महिलाएं धरना देने मजबूर होकर दूर-दूर से रायपुर आई हैं ।
संगठन के संरक्षक कहैया अग्रवाल ने बहनों को संबोधित करते हुए कहा, कि सरकार के निर्देषों का अक्षरशः पालन होगा । सभी स्व सहायता समूह की महिलाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप समान रूप से कार्य मिले इस हेतु विभागीय मंत्री से चर्चा करेंगे । भूपेश बघेल जी के नेतृत्व वाली सरकार में महिलाओं के स्वरोजगार के माध्यम कमजोर नहीं होंगे ।
उन्होने कहा कि स्व सहायता समूह और अधिकारियों की समस्याओं को चर्चा कर निराकृत कराया जाएगा । धरने में बुनकर संघ में कार्यरत समूहों के साथियों ने भी अपनी समस्याएं बताई । धरना को प्रिया देवांगन, ललिता नाग, पार्वती देवांगन, नंदनी साहू, शांति लोधी, दुर्गा साहू, देवकी दास, दुर्गा देवांगन आदि ने संबोधित किया ।
धरने के पश्चात् समान रूप से कार्य वितरण एवं भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांगयुक्त ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री, माननीय राज्यपाल एवं माननीय विभागीय मंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा गया ।
धरने में प्रमुख रूप से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, जामगांव, आरंग, बालोद, कांकेर, गरियाबंद, सेमरा, गबरी, राजनांदगांव, जगदलपुर, सुकमा की लगभग 300 महिलाएं शामिल हुई । धरने में विभिन्न जिलों के बुनकर भी शामिल हुए ।

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