भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

अंबिकापुर – अंबिकापुर के महामाया पहाड़ पर हो रहे अवैध अतिक्रमण के संबंध में भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि शहर के अंतिम छोर पर स्थित मां महामाया मंदिर के ऊपर वन संरक्षित क्षेत्र है। जो रिजर्व फारेस्ट की जमीन है और इसी पहाड़ से लगे राजस्व की भी भूमि है इन रिजर्व फारेस्ट और महामाया पहाड़ से लगे राजस्व भूमि पर करीब 1500 लोगों ने अवैध रूप से अतिक्रमण कर रखा है। वर्ष 2017 में तत्कालीन प्रभारी मंत्री सरगुजा बृजमोहन अग्रवाल के समक्ष शहर की आम जनता संगठन एवं जन प्रतिनिधियों द्वारा की गई शिकायत पर प्रभारी मंत्री के कड़े निर्देश पर तत्कालीन जिला प्रसाशन ने एक महिना के भीतर राजस्व विभाग नगर निगम एवं वन विभाग द्वारा इन अवैध अतिक्रमण पर बेदखली के दिए गये अंतिम नोटिश पर अवैध कब्जा धारियों ने न्यायलय का भी सहारा लिया।


किन्तु किसी भी न्यायलय से इनका स्थगन नहीं मिला। उस समय की तत्कालीन कलेक्टर किरण कौशल ने राजस्व विभाग से तहसीलदार के माध्यम से 143 लोगों को बेदखली नोटिश नगर निगम आयुक्त ने पहाड़ पर नगर निगम की जमीन पर अवैध रूप से जमीन कब्जा पर मकान बनाने वाले 534 कब्जा धारियों को नोटिश जारी किया। इसी तरह वनमण्डलाधिकारी सरगुजा ने रिजर्व फारेस्ट पर अवैध कब्जा करके रह रहे 60 लोगों को बेदखली का अंतिम नोटिश जारी कर दिया था। अगर उस समय तत्कालीन कलेक्टर सरगुजा को एक प्रभावशाली राजनैतिक व्यक्ति का फोन नहीं आता तो यह अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही हो जाती। पार्षद आलोक दुबे ने मुख्यमंत्री से पत्र के माध्यम से मांग की है कि तत्काल वन विभाग राजस्व विभाग एवं नगर निगम की टीम का गठन एक आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता में कराकर तत्काल पूरे क्षेत्र का सर्वे कराकर इस अवैध हो रहे अतिक्रमण को रोके एवं इस वन आच्छदित स पूर्ण महामाया पहाड़ जो अंबिकापुर शहर को शुध्द आक्सीजन देता है उसको नष्ट होने से बचावें।

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