रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)– जनपद पंचायत रामचंद्रपुर में पदस्थ रहे महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के कार्यक्रम अधिकारी जयपाल एक्का  के द्वारा शासकीय पद का दुरुपयोग करते हुए मस्टर रोल एवं फर्जी बिल के माध्यम से 20 लाख ₹89 हजार 538 रुपये के फर्जी आहरण के मामले में जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर जनपद सीईओ विनय गुप्ता के आवेदन पर त्रिकुंडा थाने में जय पाल एक्का के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 420, 468, 468, 471 के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है।
                     

प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत रामचंद्रपुर में पदस्थ रहे मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी जयपाल एक्का द्वारा सन 2017-18 में बिना स्वीकृति के ग्राम पंचायत मरमा में मिटटी मुरम सह पुलिया निर्माण, ग्राम पंचायत कृष्ण नगर धमनी में मिटटी मुरम सह पुलिया, बनखेता पारा में मिटटी मुरम सड़क सह पुलिया निर्माण कुल राशि ₹2089538 का पदीय दायित्वों का दुरुपयोग करते हुए वित्तीय अनियमितता की गई। सीईओ विनय गुप्ता के आवेदन पर सब इंस्पेक्टर रजनीश सिंह के द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई।

जिला सीईओ की अनुशंसा के 18 महीने बाद हो पाया एफआईआर दर्ज- जिला पंचायत सीईओ हरीश एस ने 18 माह पूर्व मनरेगा पीओ के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश तत्कालिक जनपद सीईओ को दिए थे परंतु प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पाया था इस बीच जनपद सीईओ विनय गुप्ता के सक्रियता से मामला पंजीबद्ध हुआ।

फर्जी वर्क कोड बनाकर किया राशि का गबन- मनरेगा पीओ जयपाल एक्का के द्वारा शातिर तरीके से फर्जी वर्क कोड बनाकर फर्जीवाड़ा को अंजाम दिया गया। यदि सूक्ष्मता से जांच हो तो अन्य कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

कार्यकाल के दौरान हुआ ओडीएफ फर्जीवाड़ा – रामचंद्रपुर विकासखंड के अधिकांश ग्राम पंचायत फर्जी रूप से ओडीएफ घोषित हुए हैं। रामचंद्रपुर विकासखंड में ओडीएफ फर्जीवाड़ा का खेल चल रहा था उस समय मनरेगा पीओ जयपाल एक्का ही पदस्थ थे। वहीं इनके कार्यकाल के दौरान कई मनरेगा घोटाले सामने आए थे।

वेंडर के नाम से हुई राशि की बंदरबांट- शौचालय निर्माण में मटेरियल भुगतान के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है कई फर्जी वेंडरों के नाम राशि डाली गई फिर उस राशि को निकालकर बंदरबांट किया गया यदि इसकी जांच होगी तो कई पंचायत प्रतिनिधियो पर कार्यवाही सुनिश्चित है।

अन्य मनरेगा पीओ पर कारवाई कब – ऐसा नहीं है कि सिर्फ रामचंद्रपुर विकासखंड के तत्कालिक मनरेगा पीओ जयपाल एक्का के द्वारा फर्जीवाड़ा किया गया था परंतु जिले में पदस्थ अन्य विकासखंडों के मनरेगा पीओ के द्वारा इसी प्रकार के फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अन्य भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध कार्यवाही कब होगी।

Categorized in: