कार निर्माता कंपनी रेनो इंडिया ने 10 लाख कारों का प्रोडक्शन पूरा कर लिया है। कंपनी ने बुधवार को घोषणा की है कि उसने 10 लाख यूनिट का प्रोडक्शन के माइलस्टोन को हासिल कर लिया है। कंपनी ने अपने इस माइलस्टोन मॉडल को रेड कलर से पेंट किया है। रेड कलर ऑप्शन में पेट किया गया मॉडल रेनो काइगर है, जिसे कंपनी की चेन्नई प्लांट से तैयार किया गया था। प्लांट की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता प्रति वर्ष 480,000 यूनिट्स से ज्यादा है। मतलब है रेनो इस प्लांट से हर साल 480,000 से ज्यादा कारें रोल आउट कर सकती है। इस कार ने कार निर्माता कंपनी को यह उपलब्धि हासिल करने में काफी अहम भूमिका निभाई है।

14 देशों में निर्यात

रेनो कंपनी ने निसान से समझौता कर 6 नए मॉडल मैन्युफैक्चर करने के लिए ₹5,300 करोड़ का एक बड़ा निवेश किया है। एक मजबूत प्रोडक्शन तैयार करने के लिए कंपनी ने पहले ही मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी में पर्याप्त निवेश किया है। वर्तमान में कार निर्माता के पास अपने भारतीय पोर्टफोलियो में तीन पैसेंजर व्हीकल Kwid, Kiger और Triber हैं। यह इन मॉडलों को सार्क, एशिया प्रशांत, हिंद महासागरीय क्षेत्र, दक्षिण अफ्रीका और पूर्वी अफ्रीका क्षेत्रों के 14 देशों में निर्यात करता है।

सेफ्टी फीचर्स में क्या?

ये सभी मॉडल ब्रांड के ह्यूमन फर्स्ट प्रोग्राम के हिस्से के रूप में एडवांस सेफ्टी फीचर्स से लैस हैं। इन सेफ्टी फीचर्स में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), हिल स्टार्ट असिस्ट (HSA), ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम (TCS), टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) शामिल हैं।

दोनों कंपनी एक 7-सीटर कार पर कर रही काम

आपको बता दें कि रेनो और निसान एक साथ मिलकर काम कर रही हैं और आने वाले समय में कई बेहतरीन कारें मार्केट में लॉन्च करने वाली हैं। दोनों कंपनियों के बीच हुए समझौते के बाद सबसे हालिया मॉडल की बात करें तो रेनो की काइगर और निसान मैग्नाइट एक ही प्लेटफॉर्म पर बेस्ड हैं। इस तरह से दोनों कंपनियां बहुत जल्द एक 7-सीटर कार भी मार्केट में लॉन्च करने वाली हैं, जो मार्केट में पहले से मौजूद मारुति अर्टिगा को टक्कर देगी। फिलहाल, इसके बारे में अभी तक कोई ऑफिशियल अपडेट सामने नहीं आई है।

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