गिरजा ठाकुर


अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मातृ एवं शिशु अस्पताल के स्टाफ नर्स की मिली भगत से जुड़़वा बच्चों को बेचने का मामला सामने आया है, घटना 25 मई की है। सरगुजा पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस बच्चे की असली मां, सौदा करने वालों व मामले में शामिल लोगों से पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार पत्थलगांव थाना क्षेत्र की 45 वर्षीय विधवा महिला को क्षेत्र के ही एक व्यक्ति ने प्रेम जाल में फंसाकर पहले शारीरिक संबंध बनाया, जब वह गर्भवती हो गई तो डिलीवरी के लिए अंबिकापुर के मातृ-शिशु अस्पताल में ले जाकर उसका प्रसव कराया। महिला ने यहां जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। बच्चों के जन्म लेने के बाद आरोपित व उसकी बहन ने दोनों बच्चों का कहीं सौदा कर उन्हें बेच दिया। महिला अस्पताल में जब तक भर्ती रही तब तक आरोपित उसे यह कहता रहा कि दोनों बच्चे कमजोर हैं और उनका इलाज अस्पताल के एसएनसीयू में चल रहा है। स्वास्थ्य ठीक होने पर महिला को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। डिस्चार्ज होने के बाद महिला अपने बच्चों के बारे में पूछताछ की तो आरोपित रह-तरह का बहाना बनाने लगे।
जन्म प्रमाण पत्र मांगने पहुंची महिला-
महिला कुछ दिन पूर्व अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच कर अपने जुड़वा बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र मांगी। यहां उसे पता चला कि बच्चों को कोई और ले गया है और जो लोग ले गए हैं, जन्म प्रमाण पत्र उन्हीं के पास है। इसके बाद महिला बच्चों के बारे में पता करती रही, पर कहीं पता नहीं चला। बाद में महिला को
बच्चों को बेचे जाने का पता चला, तो उसने पत्थलगांव थाने पहुंच कर मामले की जानकारी दी, लेकिन मामला अंबिकापुर थाना क्षेत्र का होने के कारण पुलिस विशेष कुछ नहीं कर पाई। इस दौरान पत्थलगांव पुलिस ने अंबिकापुर पुलिस को जानकारी दी, फिर अंबिकापुर स्थित मणिपुर चौकी पुलिस ने अस्पताल से पूरी जानकारी निकाली तो पता चला कि 25 मई को महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था।
दोनों बच्चों को किया बरामद-
मामला सामने आने पर मणिपुर पुलिस ने अस्पताल के स्टाफ नर्स व आरोपित की बहन को थाना बुलाकर पूछताछ की तो पता चला कि सभी ने मिलकर एक बच्चे को अंबिकापुर स्थित गंगापुर में एक दंपती को बेच दिया है। वहीं दूसरे बच्चे को कोरबा क्षेत्र में बेचने की बात सामने आई। पुलिस मामले में शामिल सभी लोगों को बुलाकर पूछताछ कर रही है।

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