अंबिकापुर। नगर के प्रतीक्षा बस स्टैंड में कोरियर का सामान देने गए गांधीनगर निवासी युवक को उस समय गैंगवार का सामना करना पड़ा, जब वह एक दुकान के पास मौजूद युवक की कुछ टिप्पणी पर आपत्ति किया। इस दौरान देर रात ड्यूटी में तैनात आरक्षक से भी मारपीट की स्थिति बनी। एक कार में तोडफ़ोड़ की गई। आरोपितों ने बस स्टैंड के पुलिस सहायता केंद्र की खिड़की का कांच भी फोडऩे के साथ गमले को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। कुछ देर में एक दर्जन से अधिक युवक जमा हो गए, जो माहौल को अशांत करके रख दिए। इसकी सूचना पर पुलिस हरकत में आई और मामले में मुख्य आरोपित युवक को गिरफ्तार कर अन्य की तलाश कर रही है।  
जानकारी के मुताबिक प्रतीक्षा बस स्टैंड अंबिकापुर में बुधवार की रात लगभग 11 बजे एक दुकान के बाहर कुछ लोगों के बीच विवाद हो रहा था। सूचना पर प्रतीक्षा बस स्टैंड में स्थित पुलिस सहायता केंद्र में पदस्थ आरक्षक मंटू गुप्ता दुकान के पास पहुंचा और मामले को शांत करा रहा था। आरक्षक ने दुकानदार को दुकान बंद करने के लिए कहा, इससे नाराज होकर मौके पर मौजूद युवक आरक्षक से गाली-गलौज पर उतारू हो गया। मामला शांत होने के बाद उक्त युवक कुछ साथियों को फोन करके पुलिस सहायता केंद्र के पास बुला लिया, इसके बाद पहुंचे आरोपित जमकर उत्पात मचाए। एक पुलिसकर्मी के कार की कांच को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस सहायता केंद्र के आरक्षक से मारपीट की और गमले को फोड़ दिया। पुलिस सहायता केंद्र की खिड़की का कांच भी आरोपित ने फोड़ डाला। मामले में पुलिस तीन लोगों के खिलाफ नामजद व अन्य पर अपराध दर्ज कर जांच कर रही है। पुलिस ने घटना में शामिल एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसे मुख्य आरोपित बताया जा रहा है।
पार्सल देने युवक गया था बस स्टैंड
गांधीनगर निवासी सतीश त्रिपाठी बुधवार की रात एक पार्सल बस से रायपुर भेजने प्रतीक्षा बस स्टैंड अंबिकापुर गए थे, यहां पान दुकान के पास खड़े युवक से विवाद की स्थिति बनी थी। आरोपित मौके पर पहुंचे आरक्षक मंटू गुप्ता के साथ मारपीट करने लगे। पुलिस ने इस मामले में बाबूपारा निवासी रवि प्रकाश सिंह उर्फ कगू, करण कुजूर, राहुल पैकरा सहित अन्य के खिलाफ धारा 294, 506, 186, 147, 148, 149, 353 व लोक संपत्ति निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में रवि प्रकाश सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पूर्व में भी आरक्षकों से हुई है मारपीट
सुरक्षा व सहयोग के लिए तैनात रहने वाले पुलिस आरक्षकों से मारपीट की यह घटना कोई नई नहीं है। इसके पहले भी आधा दर्जन आरक्षक असामाजिक तत्वों के द्वारा की गई मारपीट का शिकार हुए हैं, जिससे विभाग की जमकर किरकिरी हो रही है। वरिष्ट जनप्रतिनिधि भी आए दिन इस प्रकार की घटनाओं के सामने आने से हतप्रभ हैं। ऐसे उपद्रवी तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद आम नागरिक भी लगाए बैठे हैं।  

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