अनिल सोनी बलरामपुर _ जिले के जिला अस्पताल हमेशा सुर्खियों में रहा है जिला अस्पताल में जांच हो पा रही न इलाज कोरोना संकट के कारण दूसरी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की जान संकट में है। छोटे-छोटे इलाजों के लिए चिकित्सकों के द्वारा मरीजों को रेफर की जा रही है। भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल कृष्ण मिश्रा व सांसद प्रतिनिधि धीरज सिंह देव के नेतृत्व में कलेक्टर श्याम धावड़े को ज्ञापन सौंप जिलाअस्पताल की लचर अव्यवस्था को तत्काल सुधार की मांग की।

भाजपाइयों ने ज्ञापन सौंप कहा कि रविवार को एक डाक्टर की लापरवाही के कारण जिला अस्पताल में एक साधारण घाव की सर्जरी के लिए लाई गई एक साल की बच्ची को जिला अस्पताल अंबिकापुर रेफर करने के जगह रामानुजगंज रेफर किया गया। प्रशासन की नाक के नीचे ही बलरामपुर जिला अस्पताल में पदस्थ शासकीय डाक्टर नें रामानुजगंज के एक प्राइवेट क्लिनिक में इलाज के लिए बुलाया और यहां पदस्थ अन्य चिकित्सकों ने भी शासन की गाइडलाइंस के विरुद्ध बलरामपुर में प्राइवेट क्लिनिक में सेवा देते हैं और उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होती। वहीं एक अन्य मामले में एक इमरजेंसी के मरीज जिसे बलरामपुर जिला अस्पताल से अंबिकापुर रेफर किया जाना था अस्पताल में नई एंबुलेंस खड़ी होने के बावजूद उसे दो घंटे तक फील्ड में गई एंबुलेंस के वापस आने का इंतजार कराया गया जब मरीज के परिजनों नें नई खड़ी एंबुलेंस के बारे में पूछा तो उसे कहा गया कि इस एंबुलेंस का लोकार्पण विधायक के द्वारा किया जाना है जब तक नहीं होगा हम नहीं भेज सकते हैं।अस्पताल के वार्डों विशेष कर पीएनसी वार्ड में शौचालयों जहां डिलीवरी के बाद प्रसूताओं और बच्चों को रखा जाता है जहां इंफेक्शन का खतरा बना रहता है ऐसे जगह में साफ-सफाई का बुरा हाल होता है बदबू और गंदगी से महिलाएं बाहर शौच के लिए जाने को मजबूर होती हैं। प्रतिनिधि मंडल ने बच्चे की मृत्यु के मामले की उच्चस्तरीय कमेटी गठन कर जांच कराने साथ ही अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं पर संज्ञान लेकर जिले की टीम द्वारा नियमित निरीक्षण करा व्यवस्था को सुधारने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर सांसद प्रतिनिधि अमित गुप्ता,भाजपा जिला कार्यालय मंत्री गौतम सिंह,मंडल महामंत्री दिलीप सोनी, मिडिया प्रभारी राजेश सिंह सहित मृतक बच्ची के परिजन आदि उपस्थित थे।

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