विधायक कमरो के प्रयास से पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण हेतु 40 करोड़ से अधिक की राशि की मिली प्रशासकीय स्वीकृति

मनेन्द्रगढ़ । भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र में लगातार विकास कार्यों को अंजाम देने वाले विधायक गुलाब कमरो की सक्रियता से क्षेत्र में बहुप्रतीक्षित 7 विकास कार्यों हेतु 40 करोड़ 33 लाख 12 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। क्षेत्र में निरंतर विकास कार्यों की सौगात मिलने पर विधायक गुलाब कमरो ने क्षेत्रवासियों की ओर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,
जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू एवं सांसद ज्योत्सना महंत के प्रति आभार व्यक्त किया है।
गांव के विकास में पक्की सड़क की बहुत बड़ी भूमिका होती है। सड़कें न हों तो गांव विकास की
राह से कटा हुआ रहता है। शहर से गांव आना हो या गांव से शहर की ओर जाना हो माध्यम सड़क ही होती है जो दोनों को एक-दूसरे से जोड़कर विकास की राह आसान बनाती है ! भरतपुर सोनहत विधायक गुलाब कमरो अपने विधानसभा क्षेत्र में पक्की सड़क की कमी से विकास
से पिछड़ रहे क्षेत्रों को विकास के पथ पर आगे लाने निरंतर प्रयासरत रहे और उनका अथक
प्रयास तब सार्थक हुआ जब सड़क निर्माण कार्य के लिए एक बड़ी राशि को प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की गई। विधायक गुलाब कमरों के अथक प्रयास से छत्तीसगढ़ रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड रायपुर द्वारा जारी आदेश के तहत् घुटरा से मुसरा पहुँच मार्ग निर्माण कार्य पुल-पुलिया सहित 6 करोड़ 9 लाख 94 हजार, केल्हारी चौक से मध्यप्रदेश सीमा तक सड़क निर्माण कार्य पुल-पुलिया सहित 2 करोड़ 19 लाख 68 हजार, रजौली खोडरी से बदरा मार्ग निर्माण पुल-पुलिया सहित 7 करोड़ 81 लाख 49 हजार,
विक्रमपुर कर्री पोड़ी मार्ग निर्माण पुल-पुलिया सहित 9 करोड़ 15 लाख 38 हजार, मथमौरा से
भैसुन नदी तक सड़क निर्माण पुल-पुलिया सहित 7 करोड़ 52 लाख, भगवानपुर से चांगदेवी पहुँच मार्ग निर्माण पुल-पुलिया सहित 4 करोड़ 18 लाख 46 हजार एवं जनकपुर बायपास
मार्ग निर्माण हेतु 3 करोड़ 35 लाख 78 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

पक्की सड़क से कई बुनियादी सुविधाएं होंगी सहज : कमरो

सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व भरतपुर सोनहत विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि जहां पक्की सड़कों का अभाव है उन क्षेत्रों में बारिश के मौसम में स्थिति और भी बिगड़ जाती है सड़क विहीन पहुंच मार्ग दलदल मे तब्दील हो जाया
करते हैं, जिन पर लोगों का चलना तक दूभर हो जाता है! सड़क नहीं होने से बरसात के दिनों में कई गांव विकास की मुख्यधारा से कट कर अलग-थलग पड़ जाते थे ! जिसको देखते हुए विधायक बनने के बाद से उनका यही प्रयास रहा कि पहुंच विहीन गांव तक पक्की सड़क बनाई जाए और पहुंच विहीन गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए ! वे इस प्रयास में लगातार लगे रहे ! उनके अथक प्रयास से अब प्रशासकीय
स्वीकृति मिलने से पहुँच विहीन गाँवों में पक्की सड़कों का जाल बिछने से जहां आवागमन सहज और सरल होगा वहीं सार्वजनिक वितरण प्रणाली का काम सुचारू रुप से संचालित होगा तथा ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं सहित विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे !

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