0 लहलहाते ग्लेडियस फूलऔर उसकी खुशबू से गुलजार है गौठान

0 महिलाओ की आर्थिक आमदनी का जरिया बने फूल की खेती

चंचलेश श्रीवास्तव सूरजपुरफूल आहिस्ता फेंको फूल बड़े नाजुक होते है …..यह एक फ़िल्म का गाना है…पर देवनगर की महिलाओं ने इस नाजुक फूलों को अपनी ऐसी आय का जरिया बनाया है कि वे इससे आर्थिक रूप से शसक्त हो रही है। बाजार में उनके फूलों की अच्छी मांग है और हालांकि अभी तो आफ सीजन है पर जैसे ही एक माह बाद जब शादी विवाह का सीजन शुरू होगा तो इनकी मांग बढ़ जाएगी इसे ध्यान में रखते हुए फूल की खेती पर महिलाएं ध्यान दे रही है।रामानुजनगर ब्लॉक के ग्राम देवनगर गौठान की विकास महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ इन दिनों ग्लेडियस फूल की खेती कर रही है।

विकास खण्ड प्रबंधन इकाई की माधुरी पांडेय बताती है कि गोधन न्याय योजना के तहत निर्मित गौठान में आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आजीविका से जोड़ा गया है। वे बताती है कि देवनगर के इस गौठान में कार्यरत विकास महिला स्वयं सहायत समूह की महिलाओं ने फूलों की खेती पर ध्यान लगाया और ग्लेडियस फूल की खेती की जिससे अब तक करीब 250 स्टीक फूल बेच चुकी है। उन्होंने बताया कि हालांकि अभी सीजन ऑफ है फिर भी बाजार में मांग है पर सीजन शुरू होते ही इसकी मांग बढ़ जाएगी इसे ध्यान में रखते हुए इसकी खेती की जा रही है। बकौल पांडेय इस फूल के लिए स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध है यह बड़ी बात है और दिलचस्प यह भी है कि इसमें परेशानी कम और फसल ज्यादा जैसी बात भी है। महिलाओं ने बताया कि अगर वे सब्जी पर ध्यान देती तो थोड़ा झन्झट था पर यह उन्हें आसान लगा।उन्होंने बताया कि अभी अन्य फूलों पर वे ध्यान नही दे पाई है इसकी वजह ग्लेडियस की खूबसूरती के साथ साथ आसान खेती और बाजार में मांग है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर जिले में अभी इन फूलों का उत्पादन नही के बराबर है। सूरजपुर जिला मुख्यालय के कुछ फूल व्यापारियों ने इसकी मांग रखी है जिससे वे उत्साहित है। माधुरी पांडेय ने बताया कि इस मिशन के तहत महिलाओं को रोजगार व शसक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि वे आत्मनिर्भर बने और इस काम मे जिला पंचायत सीईओ युवा आईएएस आकाश छिकारा का अहम योगदान है जिससे महिलाएँ काफी उत्साहित है।

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