कोरोना महामारी के संबंध में URGENT सुझाव

कोविड-19 के मरीजों की संख्या छत्तीसगढ़ प्रदेश में अत्याधिक बढ़ गयी है तथा सीरियस मरीजों की संख्या में बड़ी तेजी से वृद्धि हो रही है। रोजाना दो हजार से ज्यादा केस मिल रहे हैं। सभी प्राइवेट एवं सरकारी अस्पतालों में बेड खत्म हो चुके हैं। प्रदेश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 43, 751 के पार हो गए । रविवार दोपहर तक 588 नए संक्रमित मिले। रायपुर जिले से ही 255 केस मिले। पिछले 24 घंटे में 22 लोगों की मौत हुई है। जिसमें राजधानी से ही 11 मरीजों की मौत हो गई है और 6 बिलासपुर के व दुर्ग से 4 मरीज हैं। वर्तमान परिस्थितियों में अस्पतालों में बेड की भारी कमी की समस्या को देखते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी द्वारा प्रदेश सरकार को निम्लिखित सुझाव दिये जाते हैं। अगर इन सुझावों पर त्वरित रूप से अमल हो तो अस्पतालों में बेड की संख्या काफी बढ़ जाएगी।

सुझाव क्रमांक 1

वर्तमान में सामान्य Asymptomatic मरीज को वार्ड में 7 दिन तक भर्ती रखा जाता है तथा जिन मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत है उन्हें आईसीयू ICU में रखा जाता है।
हमारा सुझाव है की वार्ड के मरीज अगर 3 दिन तक स्टेबल रहते हैं तो उन्हें अस्पतालों से छुट्टी कर होम आइसोलेशन में रखा जाना चाहिए।

आईसीयू में केवल वेंटिलेटर वाले मरीज रखें जाएं तथा जिन्हें ऑक्सीजन वह इंजेक्टबल दवाइयां लग रही हो उन्हें वार्ड में रखा जाए। यह सुझाव समय की मांग है क्योंकि बहुत सारे मरीज बेड के इंतजार में सीरियस हो जाते हैं तथा उन्हें बचाना मुश्किल हो जाता है। इस प्रकार सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों में बहुत सारे बेड जल्द खाली हो जाएंगे।

सुझाव क्रमांक 2

रायपुर में पूरे छत्तीसगढ़ एवं पूर्व उड़ीसा के मरीज आ रहे हैं जिनकी वजह से अस्पतालों में बेड की किल्लत हो गई है। माननीय शासन से निवेदन है की छत्तीसगढ़ में हर मझोले अस्पताल जिनमें आईसीयू की व्यवस्था हो तथा कम से कम 20 बेड हो उन्हें तत्काल प्रभाव से कोविड-19 रखने की अनुमति दे दी जाए। इससे सारे मरीजों को रायपुर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी तथा केवल सीरियस मरीज ही रायपुर में शिफ्ट होंगे।

सुझाव क्रमांक 3

समस्त सामुदायिक भवनों के ट्रस्टीयों की तत्काल मीटिंग हो तथा कलेक्टर उन्हें आदेश दे कि उन्हें न्यूनतम दरों में अपने भवन के कमरों को कोविड केयर सेंटर बनाना है। इस हेतु वह अपने समाज के डॉक्टर एवं चिकित्सा कर्मियों से संपर्क करें तथा असिंप्टोमेटिक मरीज वहां रखे जाएं।

सुझाव क्रमांक 4

शासन को तत्काल प्रभाव से समस्त अस्पतालों में 10% बिस्तर चिकित्सा कर्मियों के लिए सुरक्षित करें । करीब 2487 डॉक्टर एवं चिकित्सा कर्मी संक्रमित हो गए हैं तथा इनमें से बहुत से सीरियस अवस्था में है। शासन का दायित्व है कि वह अपने चिकित्सा कर्मियों की आर्थिक, प्रशासनिक एवं चिकित्सीय मदद करें।

सुझाव क्रमांक 5

कोरोना से युद्ध को प्रभावशाली रूप से लड़ने के लिए एकीकृत वॉर रूम बनाया जाना चाहिए जोकि कोरोना से संबंधित सारी जानकारी सामान्य जनता, मरीजों एवं डॉक्टरों को उपलब्ध कराएं । वहां फोन करने से यह पता चले कि किस हॉस्पिटल में कितने बेड उपलब्ध हैं एवं कोरोना की ताजा स्थिति क्या है । यह वॉर रूम विभिन्न विभागों के बीच में सामंजस्य के लिए भी उत्तरदाई रहेगा ।

सुझाव क्रमांक 6
वर्तमान में जमकर कालाबाजारी चल रही है। पूरे बाजार से थर्मामीटर, ग्लव्स, Ivermectin, Oxygen Cylinder तथा वेंटिलेटर में प्रयोग होने वाली ट्यूबिंग गायब हो गए हैं तथा उनकी जमकर कालाबाजारी हो रही है। सरकार इस पर त्वरित कार्यवाही करें।

छत्तीसगढ़ प्रशासन से यह अनुरोध है कि 3 दिनों के भीतर इन सुझावों के ऊपर त्वरित कार्यवाही करें । यह प्रदेश एवं कोरोना के मरीजों के हित में होगी ।

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