कोतवाली के पूर्व टीआई सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने शिकायत में लगाएं हैं गंभीर आरोप
अंबिकापुर- सरगुजा के पूर्व आईजी आईपीएस केसी अग्रवाल के खिलाफ सीआईडी जांच शुरु हो गई है। सूत्रों के अनुसार उनके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक शिकायत है जिसकी जांच कर की जा रही है। इसी जांच के सिलसिले में सीआईडी की टीम अंबिकापुर पहुंची है। रविवार को कोतवाली पहुंचकर टीम ने जांच शुरु की। पूर्व आईजी के खिलाफ पूर्व कोतवाली टीआई विनीत दुबे समेत कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा शिकायत की गई थी। वहीं कुछ व्यवसायियों द्वारा अवैध उगाही तथा सेवानिवृत्ति के दिन शहर के ऑक्सीजोन पार्क में शराब पार्टी की भी शिकायत है। इसकी फोटो भी वायरल हो चुकी है।
गौरतलब है कि आईपीएस केसी अग्रवाल कई विवादों में फंस चुके हैं। उन्हें मार्च 2019 में सरगुजा का आईजी बनाया गया था। 9 महीने तक सेवा देने के बाद वे 31 मार्च 2020 को रिटायर हुए थे। सूत्रों के अनुसार आईजी केसी अग्रवाल के खिलाफ सरगुजा में आईजी रहने के दौरान आधा दर्जन से अधिक मामलों की शिकायत यहां के पुलिसकर्मियों व व्यापारियों द्वारा डीजीपी से की गई थी। इन मामलों की जांच सीआईडी द्वारा शुरु कर दी गई है। सीआईडी की टीम अंबिकापुर पहुंच चुकी है। उन्होंने संबंधित शिकायकताओं से पूछताछ शुरु कर दी है। टीम में डीआईजी अरविंद कुजूर, एडिशनल एसपी जीएस कुरुवंशी शामिल हैं।
इन मामलों की है शिकायत
पूर्व आईजी केसी अग्रवाल के खिलाफ जो शिकायतें दर्ज कराई गई हैं उनमें पूर्व कोतवाली टीआई द्वारा पंकज बेक कस्टोडियल डेथ का मामला भी शामिल है। इसमें पूर्व टीआई द्वारा कहा गया था कि उक्त मामले में जांच के बिना उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई। वहीं कोतवाली के ही एक एएसआई ने उनका ट्रांसफर दूसरे जिले में कर दिए जाने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं एक अंबिकापुर के व्यवसायियों द्वारा पूर्व के मामले की फाइल निकलवाकर धारा जुड़वाने, ईंट-भट्ठा संचालकों से उगाही, सट्टा के मामले, फर्जी प्रार्थी बनाकर विभागीय अमले के विरुद्ध जांच टीम गठित कर भयादोहन करने, आईजी बंगले में स्थित दर्जनभर पुराने पेड़ों को कटवाकर अवैध तरीके से बिक्री करने के मामले शामिल हैं।
रिटायरमेंट के दिन हुई थी पार्टी
आईजी जब जनवरी में रिटायर हुए तो शहर के महामाया पहाड़ स्थित ऑक्सीजोन पार्क में पार्टी दी गई थी। इसमें शराबखोरी की तस्वीरें भी वायरल हुई थीं। इस पार्टी में भी डीएफओ समेत कई पुलिसकर्मी शामिल हुए थे। गौरतलब है कि पूर्व की रमन सरकार ने पूर्व आईजी केसी अग्रवाल को कई भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त होने पर जबरन रिटायर कर दिया था। राज्य सरकार के इस फैसले को चुनौती देने पर हाईकोर्ट ने उन्हें राहत दी थी और उन्होंने फिर नौकरी ज्वाइन की थी।

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