विधायकजी ने बैंक के कर्मचारियों, पूर्व गृहमंत्री को कोसते बदली ऐसे डगर  

अंबिकापुर। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में सहकारी बैंक के लिपिक और कर्मचारियों को थप्पड़ जडऩे वाले विधायक बृहस्पत सिंह बीते शुक्रवार तक बैंक के सामने किसानों की भीड़ के बीच धरना, सभा कर तमाम कसीदे गढ़े, पूर्व गृहमंत्री रामविचार नेताम तक को नहीं छोड़ा, इसके बाद थप्पड़कांड का रातों-रात नाटकीय पटाक्षेप हो गया। ये वही विधायक हैं, जिन्होंने थप्पड़ मारने के बाद बनी परिस्थिति के बाद वृद्ध हितग्राही को होने वाली का हवाला देते हुए कहा था कि थप्पड़ मारने का अफसोस नहीं, चार दिन के अंतराल में उनमें नरमी आ गई और खेद जताकर इन्हें मिठाई खिला दिया। भोले-भाले कर्मचारी मान भी गए, पूरे संभाग के 29 बैंक शाखाओं में भड़की ज्वाला और सुरक्षा की सरकार से मांग ठंडी पड़ गई। इस बीच कष्ट किसी को हुआ तो बैंक पहुंचने वाले किसानों को, जो बैंक के कार्यदिवस में उल्टे पांव वापस लौटते रहे, इसके बाद गुडफ्राइडे से रविवार तक अवकाश के कारण उनका सोचा-समझा काम रुपये के अभाव में लटका रहेगा। हड़ताल की अवधि में बैंक यूनियन के पदाधिकारियों ने ही कहा था कि एक दिन में सहकारी बैंकों से 50 करोड़ से अधिक का लेनदेन होता है।


कर्मचारी कहे डांट-फटकार उनका अधिकार
बलरामपुर के सर्किट हाऊस में शनिवार को विधायक बृहस्पत सिंह और बैंक के कर्मचारियों का सम्मिलन हुआ। मारपीट की घटना को भूलकर मुस्कुराहट लिए बैंक के पीडि़त कर्मचारियों के साथ अन्य पहुंचे, ऐसा लगा जैसे कुछ हुआ ही ना हो। विधायक बृहस्पत सिंह ने जिन्हें थप्पड़ जड़ा था, उनसे बड़ी ही नरम भाव में खेद जताते हुए भावावेश में आकर गलती होने की बात कही। इसके बाद लिखित में एक मजमून व वीडियो में बयान सामने आया है, जिसमें विधायक को आदरणीय बताते हुए उल्लेख किया गया है कि हमेशा से उनका समर्थन मार्गदर्शन मिलते रहा है। उस दिन हुई घटना को लेकर हस्ताक्षरकर्ता पीडि़त पक्ष के गणेश कुमार पाल लिपिक व अरविंद सिंह भृत्य ने अफसोस व्यक्त किया है। इन्होंने कहा है विधायक महोदय हमसे पहले भी किसानों के लिए बात किए हैं। हमेशा उनका सम्मानजनक व्यवहार रहा है। डांट-फटकार उनका अधिकार है।  


नहीं चाहते किसी प्रकार की कार्रवाई
सर्किट हाउस में विधायक और पीडि़त बैंक कर्मियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर मामले का पटाक्षेप किया। इन्होंने कहा वे मामले में आगे किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं चाहते हैं। हालांकि इसके पहले यह मामला सियासती रूप ले रहा था। विधायक बृहस्पत सिंह स्वयं टेंट-पंडाल में किसानों व अपने कार्यकर्ताओं के साथ डटे नजर आते थे। धीरे-धीरे बैंक में चल रहे कारनामों को भी आरोप के रूप में सामने लाया जा रहा था। आठ हजार रुपये पाने वाला करोड़पति कैसे बना, यह बात भी सामने आई थी। सरहुल पर्व पर अंबिकापुर आए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी एक तरह से मामले में विधायक को क्लीन चिट दे दी थी। इधर कार्रवाई की मांग को लेकर संभाग के बैंक कर्मी आंदोलन की राह पर अग्रसर थे। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी इस घटना को सही करार नहीं दिया है। इधर बलरामपुर जिले में भाजपा भी मामले को लेकर सरकार पर निशाना साध रही थी। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव भी घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त किए थे।

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