थाने में दी अपहरण की जानकारी, विवेचना में मामला हत्या कर साक्ष्य छिपाने का निकला
आरोपित माता-पिता को 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार की कमलेश्वरपुर थाना पुलिस

गिरजा ठाकुर

अंबिकापुर। बच्ची की हत्या के बाद माता-पिता ने ही उसे घुनघुट्टा नदी में फेंक दिया था और बच्ची के गायब होने की सूचना पुलिस थाना कमलेश्वरपुर में दी थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस जब विवेचना में जुटी, तो चौंकाने वाला यह तथ्य निकलकर सामने आया। पुलिस ने गायब बच्ची के माता-पिता को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने रोने से क्षुब्ध होकर बच्ची के नाक के पास वार करने और मौत होने पर घुनघुट्टा नदी में शव को फेंक देने की स्वीकारोक्ति की। पुलिस ने नदी के मुहाने में झाडिय़ों में फंसे बच्ची के शव को आरोपित दंपती की निशानदेही पर बरामद कर पोस्टमार्टम कराया है।
जानकारी के मुताबिक बीते 16 अगस्त को ग्राम केसरा पथरी निवासी प्रमोद मांझी ने कमलेश्वरपुर थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी तीन साल की बेटी 15-16 अगस्त की मध्यरात्रि में साथ में सोई थी, इसके बाद कहीं गायब हो गई है। इनके द्वारा किसी व्यक्ति के द्वारा बच्ची को उठाकर ले जाने की संभावना व्यक्त की गई थी। इस पर पुलिस ने अपहरण का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया था। मां-पिता के साथ सोने के दौरान छोटी बच्ची को किसी के द्वारा अपहरण कर ले जाने की संभावना जताए जाने को पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अजय यादव व पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने गंभीरता से लिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपित का सुराग लगाने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर थाना प्रभारी कमलेश्वरपुर एवं विशेष पुलिस टीम लगातार अपहृत के स्वजनों व गांव के लोगों से सघन पूछताछ कर रही थी। इस दौरान गवाहों के कथन में कुछ ऐसी बातें सामने आई, जो गायब बच्ची के माता-पिता द्वारा नहीं बताई गई थी। इसी संदेह पर पुलिस के टारगेट में कथित रूप से अपहृत बच्ची के माता-पिता आ गए। दोनों से कड़ाई से पूछताछ करने पर बच्ची के पिता प्रमोद मांझी ने स्वीकार किया कि वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर में सोया था। बच्ची के बार-बार रोने कि वजह से गुस्से में आकर वह नाक के पास मारा, जिससे बच्ची की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। इसके बाद बच्ची के शव को पत्नी के साथ ले जाकर पास में स्थित घुनघुट्टा नदी में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपित प्रमोद मांझी व सुमित्रा माझी को बच्ची की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के आरोप में धारा 302, 201 कायम कर न्यायिक रिमांड में भेजा है। कार्रवाई में थाना प्रभारी कमलेश्वरपुर शिशिरकांत सिंह, सहायक उपनिरीक्षक भूपेश सिंह, आरक्षक विकास, अमित विश्वकर्मा एवं विजय की सक्रिय भूमिका रही।
झाड़ी में फंसा मिला शव
मासूम बच्ची की हत्या की स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस आरोपितों की निशानदेही पर नदी के दोनों और पता-तलाश शुरू की, इस दौरान ग्राम केसरा में दोमुहानी के पास नदी के किनारे झाड़ी में फंसा कथित अपहृत बच्ची का शव बरामद हुआ।

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