खेती-बाड़ी के सीजन में पिछले कई दिनों से खाद के लिए परेशान हैं किसान, दुकान संचालकों की मनमानी का आरोप

अंबिकापुर – मानसून के आते ही किसानों के चेहरे खिल उठते हैं मानसून के समय में ही अपने खेतों में बुनाई और जुताई के कार्य में जुड़ जाते हैं। खेतों में बुनाई के समय किसानों को यूरिया खाद की आवश्यकता होती है जिससे किसान अपनी फसलों की अच्छी पैदावार कराने के लिए खाद का छिड़काव करते हैं। अगर समय पर किसानों को खाद नहीं मिलने पर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। अंबिकापुर शहर के सहकारी समिति में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रहा है। जिससे परेशान खाद लेने पहुंचे किसानों ने भारत माता चौक के समीप समिति के सामने रिंग रोड पर चक्का जाम कर दिया, हालांकि यातायात पुलिस और मणिपुर पुलिस द्वारा समझाइश के बाद किसानों ने चक्का जाम बंद किया वह किसानों की भीड़ खाद लेने उमड़ी रही और भारत माता चौक पर स्थित खाद की सहकारी समिति की दुकान दोपहर तक बंद रही। जिससे खाद लेने आए किसानों को काफ दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसकी सूचना जिला प्रशासन को लगते हैं प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और दुकान संचालक से बात कर दुकान खोलेने कहा गया। जिसके बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने खाद लेने आए किसानों को कतार में खड़ाकर खाद दिलवाने की बात कही।

पिछले वर्ष भी बनी थी यही स्थिति

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बारिश का मौसम शुरू होते ही यूरिया खाद की कालाबाजारी शुरू हो गई। किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है। इससे किसान काफी परेशान हैं। किल्लत के चलते फसलों को खाद नहीं दे रहे हैं। किसान समितियों के चक्कर पिछले कई दिनों से काटने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि यदि समिति पर खाद आता भी है तो कर्मी अपने चहेतों को वितरित कर देते हैं।

५३३ रुपए के खाद में ९६७ रुपए का थमाया जा रहा कीटनासक
मंगलवार को आस पास के क्षेत्रों के काफी सं या में किसान खाद के लिए पहुंचे थे। पर दुकान संचालक द्वारा मंगलवार का हवाला देकर किसानों को खाद नहीं दिया गया। किसान घंटों इंतजार करने के बाद सहकारी समिति के बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया। किसानों का यह हंगामा पिछले दो दिनों से जारी है। सोमवार को भी किसानों को खान नहीं मिलने पर रिंगरोड पर चक्का जाम कर दिया। किसानों ने दुकान संचालक की मनमानी का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि दो बोरी यूरिया खाद खरीदने के लिए ५३३ रुपए देने पड़ रहे हैं। इसके एवज में किसानों को ९६७ रुपए का घास मारने की दवा खरीदनी पड़ रही है। तब जाकर उन्हें ९६७ रुपए का दो बारी खाद मिल रहा है।

दोपहर बाद खोलवाया गया दुकान
खाद लेने पहुंचे किसानों ने भारत माता चौक के समीप समिति के सामने रिंग रोड पर चक्का जाम कर दिया, हालांकि यातायात पुलिस और मणिपुर पुलिस द्वारा समझाइश के बाद किसानों ने चक्काजाम बंद किया। वह किसानों की भीड़ खाद लेने उमड़ी रही और इधर खाद की सहकारी समिति की दुकान दोपहर तक बंद रही। जिससे खाद लेने आए किसानों को काफी आक्रोश देखा गया। इसकी सूचना जिला प्रशासन को लगते हैं प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और दुकान संचालक से बात कर दुकान खोलेने कहा गया। जिसके बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने खाद लेने आए किसानों को कतार बढ़ाकर दिलवाने की बात कही।

किसान रो रहे खून के आंसू
भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष जन्मेजय मिश्रा का कहना है कि किसान खाद के लिए खून के आंसू रो रहे हैं। अगर किसानों को समय पर खाद नहीं मिला तो फसल चौपट हो जाएगा। दस दिन पूर्व मैंने सहकारी समिति के राजेन्द्र पांडेय से मिला था। तो उन्होंने तीन दिन में रैक आने की बात कही थी। पर रैक लेट से पहुंचा है। दो दिन पूर्व ९०० मिट्रीक टन का रैक आया है। जिसमें सहकारी समिति को कम यूरिया उपलब्ध कराया गया है। ज्यादा मात्रा में निजी दुकान संचालकों को दिया गया है। ताकि यह कालाबाजारी कर सकें।

कराया गया वितरण
किसान खाद के लिए सहकारी समिति पहुंचे थे। पर मंगलवार के कारण दुकानें बंद थी। जानकारी होने पर दुकान खोलवाकर किसानों को खाद उपलब्ध कराया गया है। मौके पर टीम भेज कर खाद का वितरण कराया गया। चक्काजाक की बात सामने नहीं आई है। किसानों का आरोप था कि दुकान संचालक खाद के आड़ में कीटनाशक लेने के लिए किसानों को मजबूर किया जा रहा था। पर इसकी जानकारी होने पर दुकान संचालक को निर्देश किया गया है कि बिना किसानों के मरजी के बगैर कोई भी सामान न दें।
प्रदीप साहू, एसडीएम

ऑनलाइन परीक्षा कराने की मांग को लेकर आईटीआई के छात्रों ने सौंपा ज्ञापन
अंबिकापुर. ऑनलाइन परीक्षा कराने की मांग को लेकर आईटीआई के छात्रों द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन सौंपने आए छात्रों ने बताया कि आईटीआई बैच 2018-20 का था। कोरोना संक्रमण की वजह से परीक्षा नहीं हो पाई थी और उसके बाद छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, परंतु पूर्व में सरगुजा विश्वविद्यालय द्वारा यह बताया गया कि सभी कक्षाओं का ऑनलाइन परीक्षा लिया जाएगा परंतु अचानक ऑफलाइन परीक्षा लेने की बात एक ह ता पूर्व छात्रों को पता चला है। इसके बाद छात्रों द्वारा इसका विरोध करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन परीक्षा कराने की मांग की है।

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