भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने पत्रकारों से चर्चा दौरान हालिया सरकार पर निशाना साधा


अंबिकापुर। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा छत्तीसगढ़ प्रदेश में डॉ.रमन सिंह के द्वारा 15 वर्ष की बनाई गई व्यवस्था को हालिया कांग्रेस सरकार ने चकनाचूर कर दिया, जिससे व्यापारी, बुजुर्ग, बेरोजगार, किसान सभी परेशान हैं। किसानों को कई लुभावने वायदे करके ठगा गया। पानी मिले या न मिले, गली-गली में शराब जरूर मिल जाएगी। एक नवंबर से समर्थन मूल्य में धान खरीदी की शुरूआत सरकार की है।  किसानों पर पहले सूखा फिर अत्यधिक बारिश का प्रभाव पड़ा। सुखती से कई प्रकार का नुकसान किसानों को झेलना पड़ा। सरकार ने धान खरीदी का शुभारंभ किया है, जहां अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं। सुदूर अंचल, वनांचलों में बारदाना तक नहीं हैं। सोसायटी के कर्मचारियों ने हड़ताल कर व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कमियों को सामने लाया लेकिन स्थित पूर्ववत है। कई केंद्रों में धान खरीदी की शुरूआत तक नहीं हो पाई है। आने वाले समय में धान खरीदी की रफ्तार बढ़ेगी तो किसानों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ेगा। उन्होंने कहा वर्षाकाल के शुरूआत में भले ही बारिश नहीं होने से किसान निराश रहे, लेकिन बाद में हुई बारिश ने किसानों की मायूसी दूर कर दी। आज की स्थिति में प्रदेश के जलाशयों में 85 प्रतिशत से ऊपर पानी है, जिसका लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। सरकार को चिंता अगले सीजन के बरसात की है। मौसम विज्ञानी बने नेताओं को अगले बरसात में जलाशय भरने का इंतजार है। संग्रहित पानी के ओवरफ्लो होने से बाढ़ या आपदा की बनने वाली स्थिति से इन्हें कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को आड़े लेते हुए कहा कि घंटों बिजली बंद रहने से सिंचाई पंप के भरोसे किसान खेती नहीं कर सकते। नहर के पानी से दलहन फसलों या धान की खेती संभव नहीं है। इसके लिए जलाशय के पानी की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में सरकार को जलाशय का पानी किसानों के खेतों तक पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। चर्चा के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता मेजर अनिल सिंह, भारत सिंह सिसोदिया, जन्मजय मिश्रा, विनोद हर्ष, अनिल अग्रवाल, आकाश गुप्ता सहित अन्य उपस्थित थे।
बैंकों का कर्जा नहीं हुआ माफ-
किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू ने कहा कि सरकार की वादाखिलाफी का नमूना 2500 रुपये में धान खरीदी के बाद चार किश्तों में रुपये का भुगतान करना है। 236 करोड़ रुपये आज भी किसानों को नहीं मिल पाया है। सरकार ने सहकारी समितियों से लिए गए कर्ज को माफ किया लेकिन जो किसान विभिन्न बैंकों से कर्ज लिए थे, वे बैंकों के द्वारा बकाया वसूली के दबाव से परेशान हैं।
यूरिया, डीएपी की कृत्रिम किल्लत
पवन साहू ने आरोप लगाया कि सरकार के द्वारा किसानों के लिए यूरिया, डीपीए की कृत्रिम किल्लत की गई। कांग्रेस से जुड़े व्यापारी महंगे दामों में इसे बेच रहे थे। लोग यूरिया को ऐसे छिपाकर ले जाते थे, जैसे कोई आपत्तिजनक चीज लेकर जा रहे हों। यूरिया, डीएपी की कृत्रिम कमी बताकर इनके द्वारा केंद्र सरकार पर आरोप लगाया जा रहा था, जबकि सप्लाई में कोई कमी नहीं की गई थी।
जिले के 724 किसानों का पंजीयन शून्य  
सरगुजा जिले के 724 किसानों का पंजीयन शून्य हो गया है, जिसे लेकर जिला प्रशासन से मांग की गई है कि निरीक्षण कर इन किसानों के रकबा को सही किया जाए। बारिश की लेटलतीफी की वजह से किसान वैसे भी पिछड़ गए हैं। धान खरीदी केंद्रों में धान लेकर गिने-चुने किसान पहुंच रहे हैं, इसे देखते हुए धान खरीदी की मियाद बढ़ाने का आग्रह आने वाले समय में सरकार से किया जाएगा, जिससे किसान अपने मेहनत की उपज बेच सकें।
गलत सर्वे से बीमा का सही लाभ नहीं
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा बेमौसम बारिश से किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है, लेकिन छत्तीसगढ़ प्रदेश में गलत सर्वे कराने से केंद्र की फसल बीमा योजना का सही लाभ किसानों को नहीं मिल पाएगा। उन्होंने षड्यंत्रपूर्वक गलत सर्वे कर बीमा राशि वितरण कराने का आरोप लगाया और कहा कि धान की खरीदी के बाद किसानों को किए जाने वाले भुगतान की व्यवस्था दुरूस्त होनी चाहिए।  

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