दतिमा मोड़ (अनूप जायसवाल)- केंद सरकार एक ओर घर-घर शौचालय एवं गांव-गांव में सामुदायिक शौचालय का निर्माण करा कर स्वच्छ भारत मिशन की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है। सरकार की सोच है कि लोग किसी भी हाल में खुले में शौच न करें और स्वच्छ एंव सुंदर भारत का सपना जल्द से जल्द साकार हो मगर दूसरी तरफ हाल यह है ग्राम पंचायत धरतीपारा में लगभग 3 लाख 50 हजार की लागत से बना सामुदायिक शौचालय पिछले 6 माह से केवल शोपीस बनकर रह गया है। आज तक इस सामुदायिक शौचालय का प्रयोग ही नहीं हो पाया। आखिर प्रयोग हो भी तो कैसे, इस पर तो हर समय पर ताला ही लटका रहता है और शौचालय के अंदर में कचरा का अंबार लगा हुआ है। सामुदायिक शौचालय पर ताला लटकने से स्थानीय लोगों को लाभ तो दूर रखरखाव तक नहीं हो पा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद जिम्मेदारों द्वारा ताला नहीं खोला गया है। जिससे ग्रामीण इसका प्रयोग नही कर पा रहे हैं। मजबूरन शौच क्रिया के लिए खुले मैदान में जाना पड़ रहा है। मूलभूत की राशि से 10 हजार की लागत से शौचालय के सामने मुर्गीकरण का कार्य हेतु राशि निकाल लिया गया है लेकिन कुर्मीकरण का कार्य अभी तक नहीं हुआ है।

बता दे कि सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत स्थित सामुदायिक शौचालय की जो आज से लगभग 6 माह पूर्व बनकर तैयार हुआ था। इसके बनने से ग्रामीणों में इस बात को लेकर खुशी थी कि जिन घरों में अब भी शौचालय नहीं है, उन्हें इसका लाभ मिल पाएगा वहीं गांव में किसी सामूहिक आयोजन के समय भी यह उपयोगी साबित होगा। राहगीरों के साथ यात्रियों को भी लाभ मिलेगी। लेकिन अफसोस निर्माण से लेकर अब तक यह सामुदायिक शौचालय मात्र एक शोपीस बनकर रह गया है। आखिर आम लोग इसका प्रयोग करें भी तो कैसे, इस पर तो हर समय ताला ही लटकता रहता है। शौचालय में उपलब्ध सुविधाओं की बात की जाये तो यह शौचालय सभी प्रकार की सुविधाओं से परिपूर्ण है। महिला एवं पुरुष के लिये अलग-अलग तीन लैट्रिन, वाश बेसिन, टाइल्स युक्त फर्श, पानी की टंकी यानी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं बावजूद इसके हर समय बंद रहने से इन सुविधाओं को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों को सुविधाएं देने के लिए भारी-भरकम बजट खर्च कर बनाए गए शौचालय का लाभ किसी को नहीं मिल रहा है।

धरतीपारा पूर्व उपसरपंच व कांग्रेसी नेता राजेश प्रजापति सहित राजकुमार प्रजापति, कुलदीप, देवकुमार, रनसाय, रामदेव, अरविंद, रूपेंद्र सिंह सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि जब इस सामुदायिक शौचालय का कोई प्रयोग ही नहीं होना था तो फिर यह बना क्यों। निर्माण से लेकर अब तक कभी इसे आम लोगों के लिये खोला ही नहीं गया। हर समय यहाँ ताला ही लटका रहता है। वही ग्राम पंचायत के द्वारा इस शौचालय का देख- रेख, खोलने-बंद करने की ज़िम्मेदारी अभी तक किसी को नहीं दी गई है। यही कारण है कि शौचालय का यह स्थिति है।

चाबी तलाश रहे ग्रामीण…

धरतीपारा सामुदायिक शौचालय के निर्माण में बड़ा खेल हुआ है। बाहर से शौचालयों को बेहतर रंग रोगन कर चमकदार बनाया गया, लेकिन अंदर घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया। पोल खुलने के डर से शौचालय पर ताला लगा दिया गया और ताले की चाबी ‘गायब’ हो गई। अब ग्रामीण बनाए गए शौचालयों को शुरू करने के लिए चाबी तलाश रहे हैं।

कुछ आवारा तत्व के लोग गंदगी फैलाए हुए हैं। शौचालय का कार्य पूरा हो गया है। पंचायत के द्वारा देखरेख का कार्य करने किसी भी समूह को देगी। सप्ताह भरके भीतर शौचालय का प्रयोग होना चालू हो जाएगी।

देवीचरण सिंह, सरपंच प्रतिनिधि धरतीपारा।

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