रामानुजगंज। वन वाटिका के विश्राम गृह के नजदीक शनिवार की सुबह 10 बजे एक हाथी मृत अवस्था में मला, जिससे सनसनी फैल गई। इसकी जानकारी लगते ही वनमंडलाधिकारी विवेकानंद झा के नेतृत्व में वन विभाग का मामला मौके पर पहुंचा, वहीं वाइल्ड एनिमल के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। मौके पर ही तीन पशु चिकित्सकों के द्वारा पोस्टमार्टम करा हाथी के शव को वहीं दफन कर दिया गया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में लीवर एवं लंग्स में कंजक्शन के कारण मौत होना बताया है, वहीं मौत का वास्तविक कारण जानने के लिए शरीर के विभिन्न अंगों को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है।  
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात क्षेत्र के देवीगंज जंगल में एक नर हाथी देखा गया था, जो पुरुषोत्तमपुर होते वन वाटिका नर्सरी के पश्चिम से होकर वन वाटिका विश्रामगृह के नजदीक पहाड़ पर चढ़ा था, जहां से वह गिर गया। सुबह 10:10 बजे वन अमले ने हाथी को गिरे देखा। नजदीक जाने पर हाथी के मृत होने की पुष्टि हुई, इसके बाद तत्काल वन विभाग के उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी विवेकानंद झा व वाइल्ड एनिमल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। नर हाथी की उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है। मृत हाथी के शव का पोस्टमार्टम डॉ.विकास जयसवाल, डॉ.विजय बहादुर सिंह, डॉ.डीएन सिंह के द्वारा किया गया।
ढलान में मुंह के बल गिरा था हाथी
वन मंडल अधिकारी विवेकानंद झा ने बताया कि लीवर एवं लंच में कंजक्शन के कारण प्रारंभिक तौर पर मौत की बात सामने आ रही है। पहाड़ में ढलान होने की वजह से हाथी मुंह के बल गिरा था। मौत का वास्तविक कारण जानने के लिए शरीर के विभिन्न अंगों के जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। नगर सीमा से महज एक किलोमीटर की दूरी पर हाथी मृत पाया गया है। हाथी का सूंड़ मिट्टी में दब गया था।

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