अंबिकापुर। गांधीनगर थाना अंतर्गत डिगमा निवासी एक अधेड़ की मौत के मामले में पुलिस द्वारा 9 लोगों के विरूद्ध की गई कार्रवाई की गई थी। डेढ़ माह पहले के इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद आरोपितों पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का भी अपराध दर्ज किया गया है।
विदित हो कि डिगमा निवासी 50 वर्षीय माखन की डिगमा और पहाडगांव दोनों जगह जमीन है। माखन पहाडगांव में निवास कर रहा था जबकि डिगमा में उसके दोनों बेटे रहते हैं। माखन के बड़े पुत्र ने कुछ समय पूर्व पिता की भूमि के बंटवारे के लिए न्यायालय में आवेदन दिया था, जो इस आधार पर खारिज हो गया था कि माखन के नाम की 35 डिसमिल जमीन बीते सात जनवरी को ही बिक्री व रजिस्ट्री हो चुकी है। जमीन की बिक्री की जानकारी बेटों को भी नहीं थी जिस पर उन्हें कुछ संदेह हुआ। पुलिस का कहना है कि नौ फरवरी को मामले की शिकायत माखन ने ही गांधीनगर थाने में की इससे पहले की पुलिस मामले में जांच शुरू कर पाती अगले दिन दस फरवरी को उसकी मौत हो गई। पिता की मौत के बाद उसके पुत्र उदय लाल ने जमीन दलालों पर संदेह जताते हुए शराब में कीटनाशक मिलाकर देने की आशंका जताई। कलेक्टर ने घटना का संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था। जांच टीम द्वारा मृतक के परिजनों व रजिस्ट्री कराने वालों से पूछताछ की गई, इसके बाद मामले में रिपोर्ट तैयार की गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मुकेश मुण्डा, सुभाजित मंडल, प्रकाश साहू, अनिल चटर्जी, रीता मंडल, राहुल विश्वकर्मा, दिनेश मंडल, विशाल मजूमदार, ललिता घरामी के विरूद्ध 467, 468 व 471 के तहत अपराध दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। स्वजनों द्वारा मामले में माखन की हत्या करने का जो आरोप लगाया गया था उसकी भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही थी। पुलिस ने जांच के दौरान सभी आरोपितों के द्वारा माखन को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करना पाया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपितों के विरूद्ध धारा 306 का एक और अपराध दर्ज कर लिया है। पूर्व के मामले में न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपित अभी तक जेल में हैं।

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