छ.ग.फ्रंटलाइन
अंबिकापुर/बलरामपुर। झारखंड सरकार द्वारा एक लाख रुपये ईनाम घोषित टीपीसी (तृतीय प्रस्तुति कमेटी) के नक्सली सदस्य रामचंद्र पिता संतोष यादव 38 वर्ष निवासी आम उदालखांड़ थाना महुआडांड़ जिला लातेहार झारखंड को पुलिस ने जशपुर जिले के सन्ना थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। कई संगीन मामलों में शामिल आरोपी अपने ससुराल क्षेत्र में लुक-छिपकर रह रहा था। पुलिस टीम ने आरोपी का लोकेशन मिलने पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बाक्साईट खदान में लगी पोकलेन मशीन में आग लगाने की घटना दौरान प्रयुक्त 12 बोर का बंदूक जब्त किया है, जिसे वह घर की बाड़ी में गाड़कर रखा था। पुलिस ने घटना में शामिल शंकर यादव, गुड्डू यादव व जगदीश यादव के घर में दबिश दी। जगदीश यादव घर में मिला, जिसनेे पूछताछ करने पर घटना में शामिल होना बताया। इसकी निशानदेही पर पुलिस घटना में प्रयुक्त तलवार बरामद की। दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर बुधवार को पुलिस ने न्यायिक रिमांड में भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने बताया रामचंद्र यादव उर्फ रमेश यादव 38 वर्ष ग्राम उदालखांड़ थाना महुआडाड़ जिला लातेहार झारखंड के गांव में टीपीसी के सब जोनल कमांडर अंशु यादव निवासी ग्राम निंदीर थाना एवं जिला लातेहार का अपने दस्ता सदस्यों के आना-जाना था। वर्ष 2013 में अंशु यादव ने टीपीसी दस्ता के खाने-पीने की व्यवस्था रामचंद्र यादव से कराया था। अंशु यादव ने रामचंद्र को टीपीसी दस्ते में शामिल होने कहा और दबाव बनाकर वर्ष 2013 के अंतिम माह में उसे अपने दस्ते में शामिल कर लिया। तब से रामचंद्र यादव और साथी जगदीश यादव बेलवार, केराखांड़, कापू, हादीबाग, दवनादुरूप, आप, कोरगी एरिया थाना नेतरहाट जिला लातेहार एवं महुआडांड़ थाना क्षेत्र में सक्रिय होकर टीपीसी सदस्य के रूप में दस्ता के लिये कार्य करने लगे। इसके टीपीसी दस्ते में अंशु यादव सब जोनल कमांडर, आलोक यादव सब जोनल कमांडर, चेतन उर्फ चितावन यादव, विकास यादव, प्रभात बड़ा, बालेश्वर गंझू सभी एरिया कमांडर, दिलीप बड़ा, छोटू उरांव, जगदीश यादव, शंकर यादव, गुड्डू यादव, जितेंद्र यादव सभी सदस्य के रूप में काम कर रहे थे। सफल कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन प्रशांत कतलम ने टीम गठन कर की, जिसमें उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑपरेशन डीके सिंह की अगुवाई में निरीक्षक फरदीनन्द कुजूर, सहायक उप निरीक्षक आनंद मसीह तिर्की, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र ध्रुव, जेम्स लकड़ा, आरक्षक विजय टोप्पो, जीवन किशोर, बुद्धिमान सिंह, दीपक कुमार बघेल, आभाष मिंज, नितिन खाखा, अमर साय की उल्लेखनीय भूमिका रही। विशेष सूचना शाखा बलरामपुर का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इन घटनाओं में संलिप्तता की स्वीकारोक्ति
पुलिस गिरफ्त में आए द्वय नक्सलियों ने वर्ष 2014 में बारेसांड़ के बाजारटांड़ में जिप्सी गाड़ी में आगजनी, वर्ष 2014 में थाना गुरदरी जिला गुमला में ट्रक में आगजनी, जोरी महुआडांड़ रोड में निर्माण कार्य में लगे मुंशी से वसूली को लेकर मारपीट, वर्ष 2017 में राजेंद्रपुर थाना सामरीपाठ जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में ट्रक में आगजनी की घटना टीपीसी दस्ते के उल्लेखित सदस्यों के साथ करना स्वीकारा। इसके अलावा वर्ष 2017 में सीताराम केशर कुरूंद महुआडांड़ में वसूली को लेकर आगजनी एवं मारपीट की घटना को इन्होंने अंजाम दिया। वर्ष 2019 में महुआडांड़ के आगजनी एवं मारपीट कांड में जेल जाने के बाद वर्ष 2020 के अंतिम में जमानत पर रिहा हुआ और पुन: टीपीसी के नक्सली गतिविधियों में सक्रिय हो गए।
न्यायालय ने किया था स्थाई वारंट जारी
बाक्साइट खदान के मैनेजर अजीत कुमार सिंह ने आरोपी के विरुद्ध थाना सामरीपाठ में 21 मई 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराया था कि बाक्साईट उत्खनन में लगी बोल्यो कंपनी के एक पोकलेन मशीन को अज्ञान नक्सली के द्वारा आग लगा दिया गया है। रिपोर्ट पर पुलिस अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में ली। विवेचना दौरान पटना में शामिल नक्सली माओवादी चिंतामन यादव उर्फ चेतन पिता दशरथ यादव 38 वर्ष ने पूछताछ के दौरान उक्त घटना में रामचंद्र यादव उर्फ रमेश यादव व अन्य सशस्त्र नक्सलियों के शामिल होने की जानकारी दी। आरोपियों का पता नहीं चलने पर घटना में शामिल सभी आरोपियों का फरारी पंचनामा तैयार कर चालान पेश किया गया था। रामचंद्र यादव का न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय राजपुर द्वारा स्थायी वारंट जारी किया गया था, स्थायी वारंट तामीली में पुलिस को उक्त सफलता मिली।
आईजी के नेतृत्व में चल रहा नक्सल उन्मूलन कार्य
सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के नेतृत्व में जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों तक नक्सली उन्मूलन कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस ने अपना नेटवर्क बिछाया है। बंदरचुआ, भूताही मोड़, पुन्दाग में सीआरपीएफ कैंप को स्थापित कर छत्तीसगढ़ व झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ एवं कोबरा बटालियन संयुक्त ऑपरेशन कर बूढ़ापहाड़ में नक्सलियों की सक्रियता को विफल की है। नक्सलियों के द्वारा छिपाए गए काफी हथियार, आईईडी पिछले दिनों बरामद किए गए हंै, इससे नक्सलियों का मनोबल टूटा है।
आत्मसर्पण की अपील
पुलिस अधीक्षक बलरामपुर मोहित गर्ग ने एक बार पुन: नक्सलियों से समाज की मुख्य धारा में शामिल होने एवं छत्तीसगढ़ शासन के नक्सल पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने की अपील की है।

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