रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- झारखंड की ओर तट का कटाव होने से छत्तीसगढ़ को इससे फायदा हुआ। कन्हर नदी में बाढ़ आने से झारखंड की ओर तट का कटाव लगातार कुछ वर्षों में हुआ जिस कारण पहले जहां कन्हर का पानी फकीरवा नाला होते वार्ड क्रमांक 14 -15 में घुस जाता था अब उसकी संभावना बहुत ही कम रहेगी।

                     गौरतलब है कि कन्हर नदी में जब बरसात के समय में बाढ़ आता था तो वह फकीरवा नाला होते वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 के घरों तक पहुंच जाता था। जिस कारण स्थिति ऐसी निर्मित हो जाती थी कि घर खाली करने पड़ते थे परंतु विगत कुछ वर्षों में लगातार झारखंड की ओर तट का कटाव होने से रामानुजगंजवासियों को इससे फायदा पहुंचा। पहले जहां थोड़ा सा भी कन्हर का जलस्तर बढ़ता था तो तुरंत कन्हर का पानी फकीरवा नाला होते वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 में घुस जाता था परंतु अब काफी कम ही संभावना रहती है कि कन्हर का पानी वार्ड क्रमांक 14-15 तक पहुंचे।

इस वर्ष नहीं पहुंचा बाढ़ का पानी वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 में- झारखंड की ओर तट का कटाव हो जाने से इस वर्ष बरसात में एक बार भी कन्हर का पानी वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 में नहीं घुसा।

बरसात के समय उड़ी रहती थी नींद- बरसात के समय में जब कनहर नदी का जलस्तर बढ़ता था तो तब वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 के लोगों की नींद उड़ी रहती थी कि जलस्तर और बढ़ेगा तो घर के अंदर पानी घुसेगा कई बार तो ऐसी स्थिति निर्मित हो गई कि दर्जनों घर खाली हो गए हैं।

अब संभावना रहेगी काफी कम- कन्हर नदी के तट का कटाव झारखंड की ओर अधिक हो जाने से अब काफी कम संभावना रहेगी कि अब कन्हर नदी का जलस्तर बढ़ेगा तो कन्हर का पानी फकीरवा नाला से होते वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 में घुसेगा।

झारखंड सरकार ने बनाया तटबंध- विगत कुछ वर्षों से लगातार कन्हर नदी में आ रहे बाढ़ से झारखंड के ग्राम गोदरमाना की ओर लगातार तट का कटाव होने से कन्हर नदी की जहां चौड़ाई बढ़ रही थी जिससे झारखंड सरकार के द्वारा बनाए गए विभिन्न निर्माण कार्यों को भी नुकसान होने की संभावना थी इस बीच झारखंड सरकार के द्वारा यहां तटबंध का निर्माण कराया गया।

 नाले के पक्कीकरण की है आवश्यकता- अब समय के अनुरूप फकीरवा नाला का पक्कीकरण किए जाने की आवश्यकता है ताकि फकीरवा नाला का पानी इधर-उधर न घुस सके। नाले का पक्की करण कर दिए जाने से एक साथ कई समस्याओं का हल हो जाएगा।

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