विकाश कुमार केशरी रामानुजगंज- जिले में लॉकडाउन के भरपूर फायदा रामानुजगंज से सटे झारखंड के गांव गोदरमाना को मिल रहा है बलरामपुर रामानुजगंज जिले में 14 अप्रैल से 25 अप्रैल तक वह लॉकडाउन के बाद गोदरमाना बाजार गुलजार हो गया है। वहीं अब रामानुजगंज के कुछ दुकानदार गोदरमाना में अपना ब्रांच डालने का विचार भी कर रहे हैं कुछ लोग डाल भी दिए हैं।

गौरतलब है कि रामानुजगंज व्यवसाय झारखंड के सरहदी गांव के लोगों पर ज्यादा निर्भर रहता है रामानुजगंज में प्रतिदिन ग्राहकों की संख्या आधा से अधिक झारखंड से आए लोगों की रहती है ऐसे में रामानुजगंज बाजार बंद हो जाने के बाद इसका पूरा फायदा ग्राम गोदरमाना को मिल रहा है गोदरमाना बाजार गुलजार हो गया है वही आज साप्ताहिक बाजार में वह अच्छी खासी भीड़ रही। वही नगर के कुछ दुकानदार आज गोदरमाना में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में दुकान लगाएं वहीं कुछ तो स्थाई रूप से वहां दुकान लगाने लगे हैं तो कुछ दुकान वहां स्थाई रूप से लगाने की सोच रहे हैं। रामानुजगंज के व्यापारी आज गोदरमान में लगे साप्ताहिक बाजार की जानकारी लेते रहे।

छड़,सीमेंट, किराना कपड़ा का व्यापार भी हो रहा है प्रभावित-

नगर में जितने छड़ सीमेंट की दुकान है वह झारखंड से होने वाले व्यापार पर ज्यादा निर्भर है ऐसे में यहां लाख डाउन लग जाने के बाद गोदरमाना में छड़ सीमेंट का बाजार भी अच्छा चल रहा है। वही किराना एवं कपड़ा व्यापार भी गोदरमाना में बढ़िया चल रहा है। रामानुजगंज के व्यापारी है चिंतित- रामानुजगंज का व्यापार झारखंड पर ज्यादा निर्भर रहने के कारण वही अब धीरे-धीरे गोदरमाना का बाजार बढ़ रहा है इसका सीधा असर रामानुजगंज के व्यापार पर पड़ रहा है जिससे रामानुजगंज के व्यापारी चिंतित हैं। सरहद में सख्ती से प्रभावित होता है व्यापार- इस बार लॉकडाउन डाउन लगने के पूर्व जब-जबअंतरराज्यीय सीमा सील होता है इससे सबसे ज्यादा प्रभावित व्यापारी ही होते हैं सीमा सील हो जाने के बाद जहां ग्राहक नहीं पहुंचते हैं वहीं समान का आना जाना भी बंद हो जाता है। जिससे दोहरी मार व्यापारियों को पड़ती है एक और ग्राहक नहीं आते हैं वही यहां पटना रांची डालटेनगंज गढ़वा सहित दिल्ली ट्रांसपोर्ट का माल गढ़वा आता है जिसके बाद वह रामानुजगंज तक पहुंचता है परंतु बॉर्डर सील होने के बाद व्यापारियों का माल तक नहीं आ पाता है। व्यापारियों की टूटी कमर- पिछले बार हुए लॉकडाउन के बाद व्यापारियों की कमर टूट गई थी जिसके बाद धीरे-धीरे व्यापारी संभाल रहे थे परंतु इस बीच पुनः कोरेना संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रशासन के द्वारा लॉकडाउन कराया गया जिसके बाद एक बार फिर व्यापारियों की कमर टूट गई है।

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