रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी) कोरेना संक्रमण काल में जहां सभी अधिकारियों को ब्लॉक मुख्यालयों में रहना अनिवार्य है वही करीब 2 वर्ष होने जा रहे हैं परंतु अभी भी रामानुजगंज हल्का नंबर 35 के पटवारी मुख्यालय में निवास नहीं करते हैं जिससे आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र लेने में लोगों को परेशानी हो रही है वही तेजी से नगर के बेशकीमती शासकीय जमीनों पर अतिक्रमण हो रहा है। वहीं राजस्व विभाग का जमीनी अमला मूकदर्शक बना हुआ है।

गौरतलब है कि बलरामपुर रामानुजगंज जिले के सबसे बड़े शहर रामानुजगंज जो हल्का नंबर 35 के अंतर्गत आता है यहां पर विगत 2 वर्ष होने जा रहे हैं परंतु जिस पटवारी की यहां पदास्थापना की गई है वह अभी भी यहां मुख्यालय में निवास नहीं करते हैं जबकि यहां पटवारी कार्यालय एवं निवास दोनों हैं इससे आय जाति निवास प्रमाण पत्र लेने के लिए लोग पटवारी के चक्कर लगाते रहते हैं परंतु उनसे मुलाकात करना ही लोगों के लिए मुश्किल रहता है ऐसे में यदि पटवारी मिल भी जाते हैं तो जल्दी कार्य भी नहीं हो पाता है जिससे रामानुजगंज के लोग हलकान है। कोरेना संक्रमण काल में राजस्व विभाग के जमीनी अमला को 24 घंटे अलर्ट रहने की आवश्यकता है ऐसे समय में भी पटवारी के मुख्यालय में न रहना समझ से परे है। पटवारी के मुख्यालय में नहीं रहने से अन्य राजस्व के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

तेजी से हुआ शहर की बेशकीमती जमीनों का अतिक्रमण- रामानुजगंज के विभिन्न वार्डों में तेजी से शासकीय जमीनों पर विगत एक-दो वर्षों में अतिक्रमण हुआ वही अतिक्रमण की रफ्तार अभी बढ़ गई है रामानुजगंज में हर कोई जानता है कि शासकीय जमीन कहां पर खाली है ऐसे में यह कैसे माना जा सकता है कि राजस्व अमले को न पता हो कि कहां पर शासकीय जमीन पर कब्जा हो रहा है। निश्चित रूप से राजस्व विभाग के जमीनी अमले की जवाबदारी इसमें बनती है।

कैसे होगा शहर का विकास – जिस प्रकार से शहर की शासकीय जमीनों पर तेजी से अतिक्रमण हो रहा है यदि अतिक्रमण का यही रफ्तार रहा राजस्व विभाग कड़ी कार्यवाही नहीं करेगा तो अब नगर वासियों को चिंता सताने लगी है कि शहर का विकास कैसे होगा।

इस संबंध में एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने कहा कि इसकी जांच करवाता हूं वही शहर की शासकीय जमीनों   पर अतिक्रमण होने की जानकारी मिली है तहसीलदार को निर्देशित किया हूं कि जहां भी अतिक्रमण हो रहा हो वहा तत्काल कार्यवाही करें।

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